$R_1$ त्रिज्या का एक ठोस गोला, एक दूसरे संकेन्द्री खोखले $R_1$ त्रिज्या वाले सुचालक गोले से घिरा हुआ है। इस संयोजन की धारिता निम्न के समानुपाती है
$\frac{{{R_2} - {R_1}}}{{{R_1}{R_2}}}$
$\frac{{{R_2} + {R_1}}}{{{R_1}{R_2}}}$
$\frac{{{R_1}{R_2}}}{{{R_1} + {R_2}}}$
$\frac{{{R_1}{R_2}}}{{{R_2} - {R_1}}}$
$M.K.S.$ पद्धति में गोलीय चालक की धारिता होती है
उच्च वोल्टेज वाले संधारित्र को जब हम उच्च वोल्टेज हटाने के पश्चात् भी स्पर्श करते हैं तब संधारित्र की प्रवृत्ति है
दो एकसमान धातु की पतली प्लेटों पर क्रमशः $q _1$ और $q _2$ आवेश इस प्रकार है कि $q _1 > q _2 \mid C$ धारिता का एक समानान्तर पट्टिका संधारित्र बनाने के लिए दोनों प्लेटें एक-दूसरे के पास लायी जाती हैं, तो दोनों के बीच विभवान्तर है :
$1$ मीटर त्रिज्या वाले धातु के गोले की धारिता के समान धारिता वाले $40$ मिमी व्यास वाले समान्तर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच की दूरी ......मिमी होगी
एक संधारित्र दो वर्गाकार प्लेटों (आकार $a \times a$ ) से बना है। प्लेटों के बीच एक बहुत छोटा कोण ' $\alpha$ ' है जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। इस संधारित्र की विधुत धारिता निम्न में से किसके निकटतम होगी ?