दो एकसमान आवेशित गोलाकार बूँदे मिलकर एक बड़ी बूदी बनाती हैं। यदि प्रत्येक बूँद की धारिता $C$ है तो बड़ी बूँद की धारिता
$2C$ होगी
$2C$ से अधिक होगी
$2C$ से कम किन्तु $C$ से ज्यादा होगी
$C$ से कमण्
जब एक लैम्प को संधारित्र के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है तो
$64$ बूदों को मिलाकर एक बड़ी बूँद बनायी गयी है। यदि प्रत्येक छोटी बूँद की धारिता $C$, विभव $V$ तथा आवेश $q$ है तो बड़ी बूँद की धारिता है
यदि किसी समान्तर पट्टिका वाले संधारित्र पर आवेश एकसमान रहता है, तो पट्टिकाओं के मध्य विभव $( V )$, उनके बीच की दूरी $(d)$ पर किस प्रकार से निर्भर करेगा ?
एक संधारित्र की दो प्लेटों पर विभव क्रमश: $+10\,V$ एवं $-10\,V$ है। यदि एक प्लेट पर आवेश $40\,C$ है तो संधारित्र की धारिता .......$F$ होगी
$500\, \mu F$ धारिता के एक संधारित्र को $100\, \mu C/sec$ की दर से आवेशित करने पर कितने समयान्तराल पश्चात् इस पर $10\, V$ विभव आ.......$sec$ जायेगा