$0.1 kg$ की एक स्टील गेंद $10 m$ की ऊँचाई से स्वतंत्रतापूर्वक पृथ्वी तल पर गिरती है एवं तल से $5.4m$ ऊँचाई, तक उछलती है। यदि इस प्रक्रिया में व्यय ऊर्जा गेंद द्वारा अवशोषित कर ली जाती है तब इसके ताप मे वृद्धि ........... $^\circ \mathrm{C}$ होगी(स्टील की विशिष्ट ऊष्मा $ = 460\,Joule - k{g^{ - 1}}^\circ {C^{ - 1}},\;g = 10\,m{s^{ - 2}}$)

  • A

    $0.01$

  • B

    $0.1$

  • C

    $1$

  • D

    $1.1$

Similar Questions

प्रतिरोध तापमापी मे स्टेम संशोधन (Stem-correction) का निवारण किसके द्वारा किया जाता है

  • [AIIMS 1998]

यदि ऊष्मा क्षय को नगण्य माने, तब $100^o C$ ताप वाले जल में $100^o C$ ताप वाली $x$ ग्राम भाप के संघनित होने पर मुक्त ऊष्मा द्वारा $0^o C$ ताप वाली $y$ ग्राम बर्फ को $100^o C$ ताप वाले जल में रूपान्तरित किया जाता है। तब अनुपात $y : x$ है लगभग

एक घात्विक छड़ को $0°C$ से $100°C$ तक गर्म करने पर इसकी लम्बाई $0.19\, cm$ से बढ़ जाती है, तो धातु का आयतन प्रसार गुणांक है

स्पष्ट कीजिए कि क्यों

$(a)$ अधिक परावर्तकता वाले पिण्ड अल्प उत्सर्जक होते हैं।

$(b)$ कंपकंपी वाले दिन लकड़ी की ट्रे की अपेक्षा पीतल का गिलास कहीं अधिक शीतल प्रतीत होता है।

$(c)$ कोई प्रकाशिक उत्तापमापी (उच्च तापों को मापने की युक्ति), जिसका अंशांकन किसी आदर्श कृष्णिका के विकिरणों के लिए किया गया है, खुले में रखे किसी लाल तप्त लोहे के टुकड़े का ताप काफी कम मापता है, परन्तु जब उसी लोहे के टुकड़े को भट्ठी में रखते हैं, तो वह ताप का सही मान मापता है।

$(d)$ बिना वातावरण के पृथ्वी अशरणीय शीतल हो जाएगी।

$(e)$ भाप के परिचालन पर आधारित तापन निकाय तप्त जल के परिचालन पर आधारित निकायों की अपेक्षा भवनों को उष्ण बनाने में अधिक दक्ष होते हैं।

एक कॉफी मशीन, कॉफी चूर्ण, दूध और पानी के मिश्रण में भाप को मिला कर कॉफी बनाती है। एक मग में $500 gm$ का मिश्रण $25^{\circ} C$ पर है, और उसमें $50 \,g /$ minute की दर से भाप को मिला कर $t_0$ सेकंड में $70^{\circ} C$ तापमान वाली कॉफी बनायी जाती है। $t_0$ का निकटतम मान क्या होगा (जल के वाष्पन की गुप्त ऊष्मा का उसके विशिष्ट ऊष्मा के साथ अनुपात $540^{\circ} C$ है, तथा मिश्रण एवं जल की विशिष्ट ऊष्मा को समान माना जा सकता है)

  • [KVPY 2018]