एक स्टील की स्केल द्वारा, एक ताँबे के तार की लम्बाई $80.0\,cm$ मापी जाती है, दोनों के तापक्रम $20^\circ C$ हैं (जो कि स्केल का अशांकन तापक्रम है)। $40^\circ C$ तापक्रम पर स्केल द्वारा मापी गई तार की लम्बाई होगी $(\alpha$(इस्ताप) $ = 11 \times {10^{ - 6}}$per$°C$ एवं $\alpha$(ताँवा) $ = 17 \times {10^{ - 6}}per\,^\circ C$)
$80.0096\,cm$
$80.0272\,cm$
$1\,cm$
$25.2\,cm$
किसी $1\, m$ लंबे स्टील के फीते का यथार्थ अंशांकन $27.0^{\circ} C$ पर किया गया है। किसी तप्त दिन जब ताप $45^{\circ} C$ था तब इस फीते से किसी स्टील की छड़ की लंबाई $63.0\, cm$ मापी गई। उस दिन स्टील की छड़ की वास्तविक लंबाई क्या थी ? जिस दिन ताप $27.0^{\circ} C$ होगा उस दिन इसी छड़ की लंबाई क्या होगी ? स्टील का रेखीय प्रसार गुणांक $=1.20 \times 10^{-5}\; K ^{-1}$
एल्कोहल में डूबी धातु की गेंद का भार $0°C$ एवं $59°C$ पर क्रमश: ${W_1}$ एवं ${W_2}$ है। धातु के आयतन प्रसार-गुणांक का मान एल्कोहल की तुलना में कम है। यदि धातु का घनत्व एल्कोहल की तुलना में अधिक हो, तब
$5 \;m$ लम्बाई तथा $40 \;cm ^{2}$ अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल की एक स्टील की पटरी का लम्बाई के अनुदिश विस्तारण रोका जाता है जबकि उसका तापमान $10^{\circ} C$ बढ़ाया जाता है। यदि स्टील का रेखीय प्रसार गुणांक तथा यंग प्रत्यास्थता गुणांक क्रमश: $1.2 \times 10^{-5} \;K ^{-1}$ तथा $2 \times 10^{11} \;Nm ^{-2}$ हैं तो पटरी में उत्पत्र बल का निकटतम मान होगा
समान लंबाई परन्तु अलग-अलग त्रिज्याओं वाले दो बेलनाकार चालक (cylindrical conductors) श्रेणीक्रम में (in series) दो ऊष्माशयों (heat baths) के बीच में जोड़े गए हैं, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। इन ऊष्माशयओं का तापमान $T_1=300 \ K$ और $T_2=100 \ K$ हैं। बडेे चालक की त्रिज्या छोटे चालक की त्रिज्या की दोगुनी है। छोटे चालक की ऊष्मा चालकता (thermal conductivity) $K_1$ है और बड़े चालक की ऊष्मा चालकता $K_2$ है। यदि स्थायी अवस्था (steady state) में, बेलनों के संधि (junction) का तापमान $2000 \ K$ हो, तब $K_1 / K_2$ का मान .............. होगा।
धातु की चादरों से घनाकार आकृति में बने एक बक्से की प्रत्येक भुजा की कमरे के ताप $T$ पर लम्बाई $'a'$ है, तथा धातु की चादर के पदार्थ का रैखिक प्रसार गुणांक $'\alpha'$ है। धातु की चादर को एक समान रूप से किसी अल्प ताप वृद्धि $\Delta T$ के लिए गरम किया गया है जिससे इसका ताप $T +\Delta T$ हो जाता है। धातु के बक्से के आयतन में वृद्धि होगी।