समरूप विद्युत क्षेत्र किसी क्षेत्र में धनात्मक $x$-दिशा की ओर इंगित है। माना $A$ मूलबिन्दु है, $B$, $x$-अक्ष पर $x = + 1$ सेमी. पर बिन्दु है तथा $C$ $y$-अक्ष पर $y = + 1$ सेमी. पर एक बिन्दु है तो बिन्दुओं $A$, $B$ व $C$ पर विभव निम्न सम्बंध से सन्तुष्ट होंगे
${V_A} < {V_B}$
${V_A} > {V_B}$
${V_A} < {V_C}$
${V_A} > {V_C}$
$6\, cm$ की दूरी पर अवस्थित दो बिंदुओं $A$ एवं $B$ पर दो आवेश $2 \mu C$ तथा $-2 \mu C$ रखे हैं।
$(a)$ निकाय के सम विभव पृष्ठ की पहचान कीजिए।
$(b)$ इस पृष्ठ के प्रत्येक बिंदु पर विध्यूत क्षेत्र की दिशा क्या है?
बल की विद्युत रेखाओं एवं समविभवीय तल के बीच का कोण है :
व्यवस्थात्मकतः निम्नलिखित में संगत समविभव पृष्ठ का वर्णन कीजिएः
$(a)$ $Z-$दिशा में अचर विद्युत क्षेत्र
$(b)$ एक क्षेत्र जो एकसमान रूप से बढ़ता है, परंतु एक ही दिशा ( मान लीजिए $z-$ दिशा) में रहता है।
$(c)$ मूल बिंदु पर कोई एकल धनावेश, और
$(d)$ एक समतल में समान दूरी पर समांतर लंबे आवेशित तारों से बने एकसमान जाल।
यहाँ आरेख में कुछ समविभव क्षेत्र दर्शाये गये हैं :
प्रत्येक आरेख एक धनात्मक आवेश को $A$ से $B$ तक ले जाते हैं। तो, इस प्रक्रम में, $q$ को $A$ से $B$ तक ले जाने में :
निम्न चित्र में समविभव बिन्दु होंगे