निम्न चित्र में समविभव बिन्दु होंगे
$P$ एवं $Q$
$S$ एवं $Q$
$S$ एवं $R$
$P$ एवं $R$
समरूप विद्युत क्षेत्र किसी क्षेत्र में धनात्मक $x$-दिशा की ओर इंगित है। माना $A$ मूलबिन्दु है, $B$, $x$-अक्ष पर $x = + 1$ सेमी. पर बिन्दु है तथा $C$ $y$-अक्ष पर $y = + 1$ सेमी. पर एक बिन्दु है तो बिन्दुओं $A$, $B$ व $C$ पर विभव निम्न सम्बंध से सन्तुष्ट होंगे
जब एकांक धन आवेश को समविभव सतह पर एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाते है, तो
एक अनन्त कुचालक चादर के एक सतह पर आवेश घनत्व $\sigma = 0.10\, \mu C/m^2$ है। यदि इसके विद्युत क्षेत्र में दो समविभवी सतहों के मध्य विभवान्तर $50\, V$ है तो इनके मध्य की दूरी होगी
यहाँ आरेख में कुछ समविभव क्षेत्र दर्शाये गये हैं :
प्रत्येक आरेख एक धनात्मक आवेश को $A$ से $B$ तक ले जाते हैं। तो, इस प्रक्रम में, $q$ को $A$ से $B$ तक ले जाने में :
बल की विद्युत रेखाओं एवं समविभवीय तल के बीच का कोण है :