$0.1\, M$ विलयन में एक दुर्बल अम्ल $ 0.1\%$ आयनित होता है इसका $ pH$ है
$2$
$3$
$4$
$1$
$0.1\,M\,HCN$ विलयन के वियोजन की कोटि $ 0.01\% $ है, तो इसका आयनिक स्थिरांक होगा
यदि अम्ल $HA$ का वियोजन स्थिरांक $1 \times {10^{ - 5}},$ है, तो $ 0.1$ मोलर अम्ल के विलयन की $pH$ लगभग होगी
फीनॉल का आयनन स्थिरांक $1.0 \times 10^{-10}$ है। $0.05 \,M$ फीनॉल के विलयन में फीनॉलेट आयन की
सांद्रता तथा $0.01 \,M$ सोडियम फीनेट विलयन में उसके आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए।
स्थिर दाव पर एक ऊष्मारोधी वीकर (insulated beaker) में $100 \ mL HCl (1.0 \ M )$ को $100 \ mL \ NaOH (1.0 \ M )$ के साथ मिश्रित करने पर वीकर तथा उसकी अन्तर्वस्तुओं का तापमान $5.7^{\circ} C$ बढ जाता है (प्रयोग $1$)। प्रवल अम्ल के साथ प्रवल क्षारक की उदासीनीकरण (neutralization) ऐन्थैल्पी एक नियतांक $\left(-57.0 kJ \ mol ^{-1}\right)$ होने के कारण इस प्रयोग का उपयोग कैलोरीमीटर स्थिरांक (calorimeter constant) को मापने में किया जा सकता है। एक दूसरे प्रयोग (प्रयोग $2$) में $100 \ mL$ ऐसीटिक अम्ल $\left(2.0 \ M , K _{ a }=2.0 \times 10^{-5}\right)$ को $100 \ mL \ NaOH (1.0 \ M )$ के साथ मिश्रित करने पर (प्रयोग 1 की समरूप अवस्था में) $5.6^{\circ} C$ तापमान वृद्धि मापित की गयी।
(सभी विलयनों की ऊप्मा धारिता $4.2 J g ^{-1} K ^{-1}$ तथा सभी विलयनों का घनत्व $1.0 \ g mL ^{-1}$ है)
$1.$ प्रयोग $2$ से प्राप्त ऐसीटिक अम्ल की वियोजन ऐन्थैल्पी (dissociation enthalpy) $(kJ \ mol$-$1$ में) है
$(A)$ $1.0$ $(B)$ $10.0$ $(C)$ $24.5$ $(D)$ $51.4$
$2.$ प्रयोग $2$ के पश्चात विलयन का $pH$ है
$(A)$ $2.8$ $(B)$ $4.7$ $(C)$ $5.0$ $(D)$ $7.0$
इस प्रश्न के उतर दीजिये $1$ ओर $2.$
$pH 3$ पर दुर्बल अम्ल $( AB )$ के लवण की विलेयता $Y \times 10^{-3} mol L ^{-1}$ है। $Y$ का मान ............. है।
(दिया गया है $AB$ के विलेयता गुणनफल का मान $\left(K_{s p}\right)=2 \times 10^{-10}$ और $HB$ के आयनन स्थिरांक का मान $\left.\left(K_a\right)=1 \times 10^{-8}\right)$