अल्युमीनियम का एक टुकड़ा, जिसका द्रव्यमान $50 \,g$ है तथा प्रारम्भिक तापमान $300{ }^{\circ} C$ है, $1 \,kg$ पानीं जिसका प्रारम्भिक तापमान $30^{\circ} C$ है, में शीघ्रता से पूर्णत: डुबा कर निकाल लिया जाता है। यदि अल्युमीनियम के टुकड़े का तापमान पानी से तुरंत निकाले जाने के बाद $160^{\circ} C$ हो तो पानी का तापमान ................ $^{\circ} C$ होगा? (अल्युमीनियम तथा पानी की विशिष्ट ऊष्माएँ क्रमशः $900 \,J kg ^{-1} K ^{-1}$ तथा $4200 \,J kg ^{-1} K ^{-1}$ हैं)
$165$
$45$
$31.5$
$28.5$
एक पात्र में $110$ ग्राम जल है। पात्र की ऊष्मा धारिता $10$ ग्राम जल के तुल्य है। पात्र का प्रारम्भिक ताप $10°C$ है। यदि $ 70°C$ तापक्रम वाले $220$ ग्राम जल को पात्र में मिला दिया जाये, तब मिश्रण का ताप ........ $^oC$ होगा (विकिरण क्षय नगण्य है)
एक ठोस धात्विक घन को एक समान रूप से गर्म किया जाता है, जिसका कुल पृप्ठीय क्षेत्रफल 24 $m ^2$ है। यदि इसके घन के तापमान को $10^{\circ} C$ बढ़ाया जाता है, तो इसके आयतन में वृद्धि ज्ञात करें (दिया गया है : $\alpha=5.0 \times 10^{-4}{ }^{\circ} C ^{-1}$ )
$10.0 \,W$ का एक विद्युत ऊष्मक (heater) $0.5 \,kg$ पानी से भरे हुए बर्तन को गर्म करता है। पानी एवं बर्तन का तापमान $15$ मिनट में $3 \,K$ बढ़ जाता है । इस बर्तन को खाली कर के सुखा दिया जाता है एवं पुन: $2 \,kg$ तेल से भर दिया जाता है । अब वही विद्युत ऊष्मक तेल एवं बर्तन का तापमान $20$ मिनट में $2 \,K$ बढ़ा देता है । यह मानते हुए कि दोनों प्रक्रियाओं मे ऊर्जा का कोई क्षय नहीं होता है तो तेल कि विशिष्ट ऊष्मा ................ $\times 10^3\,JK^{-1} kg ^{-1}$ होगी ?
जल की विशिष्ट ऊष्मा $=4200 \,J kg ^{-1} K ^{-1}$ तथा बर्फ की गुप्त ऊष्मा $=3.4 \times 10^{5} \,J kg ^{-1}$ होती है। $0^{\circ} C$ वाली $100 \,g$ बर्फ को $25^{\circ} C$ वाले $200\, g$ जल में डाला जाता है। जल का तापमान $0^{\circ} C$ पर पहुँचने पर बर्फ की लगभग कितनी मात्रा ( $gm$ में) पिघल जायेगी ?
$-10°C$ पर स्थित $1\, gm$ बर्फ को $100°C$ की भाप में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा ........ $J$ होगी