तत्व ‘$A$’ अम्ल और क्षार दोनों में वियोजित होता है यह उदाहरण है
‘$A$’ की अपररूपी प्रकृति
‘$A$’ की द्विरूपी प्रकृति
‘$A$’ की अक्रिस्टलीय प्रकृति
'$A$’ की उभयधर्मी प्रकृति
बोरॉन के सहसंयोजक यौगिक बनाने का कारण है
नीचे दो कथन दिए गए हैं। एक को अभिकथन $A$ एवं दूसरे को कारण $R$ कहा गया है।
अभिकथन $A$ : बोरिक अम्ल एक दुर्बल अम्ल है।
कारण $R:$ बोरिक अम्ल $H ^{+}$आयन को स्वतः
निर्मुक्त नहीं कर पाता है। यह जल से $OH ^{-}$ आयन प्राप्त करता है तथा $H ^{+}$निर्मुक्त करता है।
क्या बोरिक अम्ल प्रोटोनी अम्ल है ? समझाइए।
निम्न में से एक कथन सत्य है
एल्युमीनियम के बाक्साइट (bauxite) अयस्क से विधुत -रासायनिक निष्कर्षण में सम्मिलित है(हैं)
$(A)$ $Al _2 O _3$ की कोक $(C)$ से तापमान $>2500^{\circ} C$ पर अभिक्रिया।
$(B)$जलयोजित ऐलुमिना $\left( Al _2 O _3 .3 H _2 O \right)$ को अवक्षेपित करने के लिए ऐलुमिनेट विलयन को कार्बन डाईआक्साइड गैस प्रवाहित कर के उदासीन करना।
$(C)$ गरम जलीय $NaOH$ में $Al _2 O _3$ का विलायकन
$(D)$ $Na _3 AlF _6$ मिलाये हुए $Al _2 O _3$ के विधुत अपघटन से $Al$ और $CO _2$ का प्राप्त होना।