एक दिये हुये वेग के लिये, किसी प्रक्षेप्य की दो प्रक्षेपण कोणों पर क्षैतिज परास $R$  समान है। यदि इन दो स्थितियों में उड्डयन काल $t_1$ व $t_2$ है तब

  • [AIEEE 2004]
  • [AIEEE 2005]
  • A

    ${t_1}{t_2} \propto \,{R^2}$

  • B

    ${t_1}{t_2} \propto \,R$

  • C

    ${t_1}{t_2} \propto \,\frac{1}{R}$

  • D

    ${t_1}{t_2} \propto \,\frac{1}{{{R^2}}}$

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एक प्रक्षेप्य को $v$ वेग से ऊध्र्वाधर से $\theta $ कोण पर प्रक्षेपित किया जाता है, जिसकी पृथ्वी पर परास (Range) $‘R’$ है। समान वेग $v$  व कोण $\theta $ के लिए चन्द्रमा पर इसकी परास होगी

किसी प्रक्षेप्य के लिए प्रक्षेपण कोणों $\left(45^{\circ}-\theta\right)$ और $\left(45^{\circ}\right.+ \theta)$ पर, इनके द्वारा तय की गई क्षतिज परास का अनुपात है

  • [AIPMT 2006]

किसी फुटबाल को ठोकर मारने पर उसके द्वारा तय किये गये चार तरह के मार्गो को चित्र में दर्शाया गया है। वायु प्रतिरोध को नगण्य मान लिया जाये तो अधिकतम से प्रारंभ करने पर, प्रारम्भिक क्षैतिज वेग घटक के लिये मार्गों का क्रम होगा

द्रव्यमान $m$ का एक कण समय $t =0$ पर मूलबिन्दु पर विराम अवस्था में हैं। इस पर $x$ दिशा में बल $F ( t )= F _{0} e^{- b t }$ लगाया जाता है। इसकी चाल $v ( t )$ निम्नलिखित में से किस वक्र द्वारा प्रदर्शित की जायेगी?

  • [AIEEE 2012]

$(a)$ सिद्ध कीजिए कि किसी प्रक्षेप्य के $x -$अक्ष तथा उसके वेग के बीच के कोण को समय के फलन के रूप में निम्न प्रकार से व्यक्त कर सकते हैं|

$\theta(t)=\tan ^{-1}\left(\frac{v_{0 y}-g t}{v_{0 x}}\right)$

$(b)$ सिद्ध कीजिए कि मूल बिंदु से फेंके गए प्रक्षेप्य कोण का मान $\theta_{0}=\tan ^{-1}\left(\frac{4 h_{m}}{R}\right)$ होगा। यहाँ प्रयुक्त प्रतीकों के अर्थ सामान्य हैं।