चार सर्वसम धात्विक छड़ों को मिलाकर एक वर्ग बनाया गया है। इस वर्ग के दो विकर्ण अभिमुख $(Diagonally\,\, opposite)$ बिन्दुओं के ताप स्थायी अवस्था में क्रमश: $T$ व $\sqrt 2 $ $T$ हैं। यह मानते हुए कि ऊष्मा का केवल चालन होता है, वर्ग के अन्य दो बिन्दुओं के बीच तापान्तर होगा
$\frac{{\sqrt 2 + 1}}{2}T$
$\frac{2}{{\sqrt 2 + 1}}T$
$0$
उपरोक्त में से कोई नहीं
दो समरूपी आयताकार गुटकों को दर्शाये चित्रानुसार दो विन्यासों $I$ और $II$ में व्यवस्थित किया गया है। गुटकों की ऊष्मा चालकता $k$ व $2 k$ है। दोंनो विन्यासों में $x$-अक्ष के दोंनो छोरों पर तापमान का अन्तर समान है। विन्यास $I$ में, ऊष्मा की एक निश्चित मात्रा गरम छोर से ठण्डे छोर तक अभिगमन में $9 s$ लेती है। विन्यास $II$ में, समान मात्रा की ऊष्मा के अभिगमन के लिए समय है :
$50$सेमी लम्बी तथा $5$सेमी. $ 2$ परिच्छेद क्षेत्रफल वाली एक छड़ में ऊष्मा प्रवाहित हो रही है। इसके सिरे क्रमश: ${25^o}C$ एवं ${125^o}C$ पर है। छड़ के पदार्थ का ऊष्मा चालकता गुणांक $0.092$ किलो कैलोरी /मी.$ \times $सैकन्ड$ \times $$^o$से है। छड़ में ताप प्रवणता है
यदि दो समान मोटाइयों की तथा ${K_1}$ व ${K_2}$ ऊष्मा चालकताओं की धातु के प्लेटों को जोड़कर एक संयुक्त प्लेट बनाई जाये, तो इस प्लेट की तुल्य ऊष्मा चालकता होगी
चित्रानुसार तापीय चालकता $K$ तथा $2\,K$ वाली दो प्लेटों $A$ तथा $B$ को एक संयुक्त प्लेट बनाने के लिये एकसाथ जोड़ा जाता है। प्लेटों की मोटाई क्रमश: $4.0\,cm$ तथा $2.5\,cm$ है तथा प्रत्येक प्लेट का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $120\,cm ^2$ है। संयुक्त प्लेट की तुल्य तापीय चालकता $\left(1+\frac{5}{\alpha}\right)\,K$ है तो $\alpha$ का मान ज्ञात कीजिये।
एक ही पदार्थ की बनी दो धात्विक छड़ों के व्यासों का अनुपात $2 : 1$ है तथा उनकी लम्बाइयों का अनुपात $1 : 4$ है। यदि उनके सिरों के बीच तापान्तर समान हो, तो उनमें ऊष्मा प्रवाह की दरों का अनुपात होगा