$B - Cl$ आबंध द्विध्रुव आघूर्ण रखता है, किन्तु $BCl$ अणु का द्विधुव आधूर्ण शून्य होता है। क्यों ?
As a result of the difference in the electronegativities of $B$ and $C l$, the $B-Cl$ bond is polar in nature. However, the $BCl_3$ molecule is non-polar. This is because $BCl_3$ is trigonal planar in shape. It is a symmetrical molecule. Hence, the respective dipole-moments of the $B-Cl$ bond cancel each other, thereby causing a zero-dipole moment.
आयनिक कार्बाइड है
गोल्डश्मिट एल्यूमिनो थर्माइट विधि में, थर्माइट में होता है
हॉल की विधि द्वारा बॉक्साइट के शोधन में
निर्जल $AlC{l_3}$ प्राप्त करते हैं
थर्माइट विधि में अपचायक है