यदि किसी आवेशित गोलीय चालक जिसकी त्रिज्या $10\,cm$ है के केन्द्र से $5\,cm$ की दूरी पर विभव $V$ है, तो इसके केन्द्र से $15\,cm$ दूरी पर विभव होगा
$\frac{1}{3}\,V$
$\frac{2}{3}\,V$
$\frac{3}{2}\,V$
$3\,V$
दो बड़ी ऊर्ध्वाधर (vertocal) व संमातर धातु प्लेटों के बीच $1 \ cm$ की दूरी है। वे $X$ विभंवातर के $D C$ स्त्रोत से जुड़ी हैं। दोनों प्लेंटो के मध्य एक प्रोटॉन को स्थिर- अवस्था में छोड़ा जाता है। छोड़े जाने के तुरंत बाद प्रोटॉन ऊर्ध्व से $45^{\circ}$ कोण बनाता हुआ गति करता है। तब $X$ का मान लगभग है :
$10 \,cm$ भुजा वाले एक सम-षट्भुज के प्रत्येक शीर्ष पर $5\, \mu C$ का आवेश है। षट्भुज के केंद्र पर विभव परिकलित कीजिए।
$b$ भुजा वाले एक घन के प्रत्येक शीर्ष पर $q$ आवेश है। इस आवेश विन्यास के कारण घन के केंद्र पर विध्यूत विभव तथा विध्यूत क्षेत्र ज्ञात कीजए।
चार आवेश $ + Q,\, - Q,\, + Q,\, - Q$ एक वर्ग के चारों कोनों पर क्रम में रखे हैं। वर्ग के केन्द्र पर
किसी स्थान पर एक विद्युत क्षेत्र, $\overrightarrow{ E }=(25 \hat{ i }+30 \hat{ j }) NC ^{-1}$, विद्यमान है। यदि मूलबिन्दु पर विभव का मान शून्य माना जाय तो, $x=2\; m , y=2\; m$ पर विभव होगा :