प्रकाश विद्युतीय पदार्थ का कार्य फलन $3.3 eV$ है। इसकी देहली आवृत्ति का मान है
किसी अर्द्धगोलाकार सतह के वक्रता केन्द्र पर प्रकाश का एक बिंदु स्त्रोत रखा हुआ है। यह स्त्रोत $24 \mathrm{~W}$ की शक्ति उत्सर्जित करता है। अर्द्धगोलीय वक्र की वक्रता त्रिज्या $10 \mathrm{~cm}$ है एवं उसकी आंतरिक सतह पूर्णतः परावर्ती है। अर्द्धगोले पर, गिरने वाले प्रकाश के कारण आरोपित बल का मान $\times 10^{-8} \mathrm{~N}$ है।
निम्न में से कौन अविभाज्य है
आइन्सटीन की प्रकाश-विद्युत समीकरण के अनुसार उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा एवं आपतित विकिरण की आवृत्ति के बीच का ग्राफ होगा