मोइसॉन बोरॉन है
पराशुद्धता के साथ अक्रिटलीय बोरॉन
पराशुद्धता के साथ क्रिस्टलीय बोरॉन
निम्न शुद्धता का अक्रिस्टलीय बोरॉन
निम्न शुद्धता का क्रिस्टलीय बोरॉन
उस अभिक्रिया को बताइए जिसमें हाइड्रोजन उत्सर्जित नहीं होती है।
निम्न में से कौन सरपेक विधि में एक सह-उत्पाद की तरह प्रयुक्त है
शुद्ध बॉक्साइट से एल्यूमीनियम प्राप्त करने की विद्युत अपघटनी विधि में क्रायोलाइट को घान में किसलिए मिलाया जाता है
आर्थोबोरिक अम्ल के लिए सही कथन है (हैं) :
$(A)$ यह स्वतः आयनन (ionization) के कारण दुर्बल अम्ल की तरह व्यवहार करता है।
$(B)$ इसके जलीय विलयन में एथिलीन ग्लाइकॉल डालने से अम्लीयता बढ़ती है।
$(C)$ हाइड्रोजन बन्ध के कारण यह त्रिविम (three dimensional) संरचना रखता है।
$(D)$ जल में यह दुर्बल विधुत-अपघट्य (electrolyte) है।
डाइबोरेन $\left( B _{2} H _{6}\right), O _{2}$ तथा $H _{2} O$ के साथ स्वतंत्र रूप से अभिक्रिया करके क्रमशः उत्पादित करती है