किसी $0.1\,m$ त्रिज्या के गोलीय चालक के पृष्ठ पर $0.036\, N/C$ का विद्युत क्षेत्र उत्पन करने के लिए इस पर रखे गये इलेक्ट्रोनों की संख्या है

  • A

    $2.7 \times {10^5}$

  • B

    $2.6 \times {10^5}$

  • C

    $2.5 \times {10^5}$

  • D

    $2.4 \times {10^5}$

Similar Questions

त्रिज्या $R$ के एक एकसमान आवेशित वलय के विध्युत क्षेत्र का मान उसके अक्ष पर केंद्र से $h$ दूरी पर अधिकतम है। $h$ का मान होगा:

  • [JEE MAIN 2019]

$\pm 10 \,\mu C$ के दो आवेश एक-दूसरे से $5.0\, mm$ दूरी पर स्थित हैं। $(a)$ इस द्विधुव के अक्ष पर द्विध्रुव के केंद्र $O$ से चित्र $(a)$ में दशांए अनुसार, धनावेश की ओर $15 \,cm$ दूरी पर स्थित किसी बिदु $P$ पर तथा $(b)$  द्धिध्रुव के अक्ष के अभिलंबवत $O$ से, चित्र $(b)$ में दर्शाए अनुसार गुजरने वाली रेखा से $15\, cm$ दूरी पर स्थित किसी बिंदु $G$ पर विध्युत क्षेत्र ज्ञात कीजिए।

समान द्रव्यमान तथा आवेश के दो एकसमान अचालक ठोस गोलों को समान लम्बाई की दो अचालक, द्रव्यमानहीन डोरियों द्वारा एक उभयनिष्ठ बिन्दु से वायु में लटकाया जाता है। साम्यावस्था पर, डोरियों के मध्य कोण $\alpha$ है। अब गोलों को $800 kg m ^{-3}$ घनत्व तथा परावैद्युतांक $21$ के परावैद्युत द्रव में डुबाया जाता है। यदि डुबाने के बाद डोरियों के मध्य कोण समान रहता है, तब

$(A)$ गोलों के मध्य विद्युत बल अपरिवर्तित रहता है।

$(B)$ गोलों के मध्य विद्युत बल घटता है।

$(C)$ गोलों का द्रव्यमान घनत्व $840 kg m ^{-3}$ है।

$(D)$ गोलों को सम्भालने वाली डोरियों में तनाव अपरिवर्तित रहता है।

  • [IIT 2020]

${10^{ - 5}}$ सेमी त्रिज्या वाली जल की एक बूँद पर एक इलेक्ट्रॉन का आवेश है। उसे वायु में निलम्बित करने के लिए आवश्यक वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता होगी लगभग

($g$ = $10$ न्यूटन/किग्रा, $e$  = $1.6 × 10^{-9}$ कूलॉम)

दो बिन्दु आवेश $20\,\mu \,C$ एवं $80\,\mu \,C$ एक-दूसरे से $10\,cm$ की दूरी पर रखे हैं। इन दोनों को जोड़ने वाली रेखा पर $20\,\mu \,C$ से कितनी दूरी पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता शून्य.......$m$ होगी