सोडियम धातु के पृष्ठ से उत्सर्जित सभी प्रकाशीय इलेक्ट्रॉन हैं

  • A

    समान आवृत्ति के

  • B

    समान गतिज ऊर्जा के

  • C

    समान डी-ब्रोग्ली तरंगदैध्र्य के

  • D

    उन सभी की गति शून्य से एक निश्चित महत्तम तक बदलती है

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मानव नेत्र हरे प्रकाश ($\lambda$ $= 5000\ \mathop A\limits^o $) के $5 × 10^4$ फोटॉन प्रति वर्ग मीटर प्रति सैकण्ड संसूचित कर सकता है, जबकि कान  ${10^{ - 13}}\,(W/{m^2})$ संसूचित कर सकता है। नेत्र, कान की तुलना में लगभग कितने गुणक से अधिक संवेदनशील हैं

जब $I$ तीव्रता के एकवर्णी विकिरण, किसी धातु की सतह पर टकराते हैं तो, फोटॉनों की संख्या और उनकी अधिकतम गतिज ऊर्जा क्रमश : $N$ और $T$ है। यदि विकिरणों की तीव्रता $2 I$ हो तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या और उनकी अधिकतम गतिज ऊर्जा क्रमशः होंगे

  • [AIPMT 2010]

जब प्रकाश दिये गये तरंगदैर्ध्य (wavelength) से एक धात्वीय पृष्ठ (metallic surface) पर पड़ता है तो उत्सर्जित (emitted) फोटोइलेक्ट्रॉन्स को रोकने के लिए $6.0 V$ के निम्नतम विभव की आवश्यकता होती है। यदि एक दूसरे स्त्रोत जिसका तरंगदैर्ध्य पहले वाले से चार गुना और तीव्रता (intensity) पहले वाले से आधी है को प्रयोग में लाया जाये तो विभव घट कर $0.6 V$ रह जाता है। पहले स्त्रोत की तरंगदैर्ध्य और धातु का कार्य फलन क्रमशः क्या होगा ?

$[\frac{h c}{e}=1.24 \times 10^{-6} Jm C ^{-1}$ लें ]

  • [IIT 2022]

$5\; W$ का एक स्रोत $5000\;\mathring A$ तरंगदैर्ध्य के एकवर्णी प्रकाश का उत्सर्जन करता है। $0.5\; m$ की दूरी पर रखने से यह एक प्रकाश संवेदी धात्विक तल से प्रकाशी इलेक्ट्रॉन मुक्त करता है। जब स्रोत को तल से $1\;m$ की दूरी पर ले जाया जाएगा, तो विमुक्त प्रकाशी इलेक्ट्रॉनों की संख्या

  • [AIPMT 2007]

आइन्सटीन की प्रकाश-विद्युत समीकरण के अनुसार उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा एवं आपतित विकिरण की आवृत्ति के बीच का ग्राफ होगा

  • [AIPMT 2004]