दो धातुओं $\mathrm{A}$ एवं $\mathrm{B}$ को $350 \mathrm{~nm}$ तरंगदैर्ध्य वाले विकिरण से प्रदीप्त किया जाता है। धातुओं $\mathrm{A}$ एवं $\mathrm{B}$ का कार्यफलन $4.8\ \mathrm{eV}$ एवं $2.2 \ \mathrm{eV}$ है तो सही विकल्प चुनें :
धातु $\mathrm{B}$, प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित नहीं करेगी।
धातु $A$ एवं $B$ दोनों प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करेगी।
धातु $A$ एवं $B$ दोनों प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित नहीं करेगी।
धातु $\mathrm{A}$, प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित नहीं करेगी।
एक प्रकाश उत्सर्जक सेल में कार्यकारी तरंगदैर्ध्य $\lambda $ है एवं सबसे तेज इलेक्ट्रॉन का वेग $v$ है। यदि उत्तेजित तरंगदैर्ध्य बदलकर $\frac{{3\lambda }}{4}$ हो जाये तो सबसे तेज इलेक्ट्रॉन का वेग होगा
हीलियम नीयॉन लेजर $667\, nm$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश उत्पन्न करता है। उत्सर्जित शक्ति $9 \,mW$ है। इस प्रकाश पुंज द्वारा प्रकाशित लक्ष्य पर प्रति सैकण्ड पहुँचने वाले इलैक्ट्रॉनों की मध्यमान संख्या होगी
किसी इलेक्ट्रॉन और किसी प्रोटॉन को एक दूसरे से अत्यधिक दूरी द्वारा पथक किया गया है। यह इलेक्ट्रॉन $3\; eV$ ऊर्जा के साथ प्रोटॉन की ओर गमन करना आरम्भ करता है। प्रोटॉन इस इलेक्ट्रॉन का प्रग्रहण कर लेता है और द्वितीय उत्तेजक अवस्था का हाइड्रोजन परमाणु बना लेता है। परिणामी फोटॉन $4000 \;\mathring A$ देहली तरंगदैर्ध्य की किसी प्रकाश सुग्राही धातु पर आपतन करता है। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या है ? ($eV$ मे)
जब किसी धात्विक सतह पर हरा प्रकाश आपतित होता है, तो प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं किन्तु पीले रंग के प्रकाश से उत्सर्जन नहीं होता। निम्न में से कौन से रंग के प्रकाश से उसी धात्विक सतह से इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन संभव होगा
विकिरण की द्वैत प्रकृति दर्शायी जाती है