एक संघट्ट में जो राशियाँ नियत रहती हैं, वह है
संवेग, गतिज ऊर्जा तथा ताप
संवेग तथा गतिज ऊर्जा परंतु ताप नहीं
संवेग तथा ताप परंतु गतिज ऊर्जा नहीं
संवेग परंतु न गतिज ऊर्जा तथा न ताप
रेखीय संवेग के संरक्षण का सिद्धान्त उसी स्थिति में लागू होता है जब दो टकराने वाले कणों में टक्कर का समय
एक $m$ द्रव्यमान की वस्तु $v$ वेग से गति करती हुई एक दूसरी $2 \,m$ द्रव्यमान को वस्तु जो प्रारम्भ में स्थिर है, से सीधी प्रत्यास्थ संघट्ट करती है। टकराने वाली वस्तु ($m$ द्रव्यमान) की गतिज ऊर्जा में हृास होता है
घर्षण रहित सतह पर एक क्षैतिज खाँचे में एक समान छ: गेंदें रखी गई हैं जैसा कि चित्र में प्रदर्शित है। यदि एक जैसी दो गेंदें वेग $v$ के साथ बाँयी ओर से इन छ: गेंदों की पंक्ति से प्रत्यास्थत: टकराती हैं, तब
समान द्रव्यमान $40 \,kg$ की दो वस्तुयें विपरीत दिशाओं में गतिमान है एक का वेग $10$$m/s$ तथा दूसरी का $7\,m/s$ है। यदि वे प्रत्यास्थ रूप से टकराने के पश्चात् संयुक्त होकर गति करें तो, इस संयोजन का वेग ........... मी/सैकण्ड होगा
एक बिलियर्ड की गेंद $5$ मी/सैकण्ड की चाल से एक अन्य विराम मे स्थित समरूप गेंद से टकराती है। यदि पहली गेंद टक्कर के पश्चात् विराम में आ जाती है, तो दूसरी गेंद की अग्र दिशा में चाल .......... मी/सैकण्ड होगी