ऊष्मा की वह मात्रा जो चालन के दौरान धात्विक प्लेट का इकाई क्षेत्रफल पार करती है। निम्न पर निर्भर करती है
धातु के घनत्व पर
क्षेत्रफल के लम्बवत् ताप प्रवणता पर
धातु को गर्म किये गये ताप पर
धात्विक प्लेट के क्षेत्रफल पर
समान आकार वाली चाँदी, ताँबा, पीतल एवं लकड़ी की छड़ों पर कागज लपेटकर उन्हें ज्वाला में गर्म किया जाता है। सबसे पहले कागज जलने लगेगा
एक झील की सतह पर $5cm$ मोटी बर्फ की परत स्थित है। हवा का तापमान $-10°C$ है, तो बर्फ की परत की मोटाई दो गुना होने में लगा ...... (hour) समय होगा ($L = 80 cal/g$, $K$ बर्फ $= 0.004 Erg/s-k$ , $d$ बर्फ $= 0.92 g cm^{-{3}}$)
एक झील में पानी ${0^o}C$ पर बर्फ में बदलता है जबकि वायुमण्डल का ताप $ - {10^o}C$ है। यदि $1$ सेमी बर्फ की परत जमने में $7$ घंटे लगते हैं तब बर्फ की परत की मोटाई $1$ सेमी से $2$ सेमी होने में लगा समय होगा
मिट्टी के घर गर्मियों में ठण्डे तथा सर्दियों में गरम होते हैं, क्योंकि
यदि दो समान मोटाइयों की तथा ${K_1}$ व ${K_2}$ ऊष्मा चालकताओं की धातु के प्लेटों को जोड़कर एक संयुक्त प्लेट बनाई जाये, तो इस प्लेट की तुल्य ऊष्मा चालकता होगी