एक $50\,cm$ लम्बी एवं $10\,g$ द्रव्यमान की रस्सी पर चलने वाली अनुप्रस्थ तरंग की चाल $60\,ms ^{-1}$ है। तार का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल $2.0\,mm ^2$ और इसका यंग गुणांक $1.2 \times 10^{11}\,Nm ^{-2}$ है। तन्यता के कारण इसकी वास्तविक लम्बाई में हुई वृद्धि $x \times 10^{-5}\,m$ है। $x$ का मान है $..............$

  • [JEE MAIN 2022]
  • A

    $10$

  • B

    $15$

  • C

    $13$

  • D

    $14$

Similar Questions

दोंनो सिरों पर परिबद्ध क्षैतिज तनित डोरी पाँचवी गुणवृत्ति समीकरण, $y(x, t)=(0.01 m ) \sin \left[\left(62.8 m ^{-1}\right) x \right] \cos \left[\left(628 s ^{-1}\right) t \right]$ द्वारा कम्पित हो रही है। यदि $\pi=3.14$ मान जाये तब निम्न प्रकथन सही है हैं -

$(A)$ निस्पंदो की संख्या $5$ है।

$(B)$ डोरी की लम्बाई $0.25 \ m$ है।

$(C)$ साम्यावस्था से डोरी के मध्य बिन्दु का अधिकतम विस्थापन $0.01 \ m$ है।

$(D)$ मूल आवृत्ति $100 \ Hz$ है।

  • [IIT 2013]

निम्न चित्र में प्रदर्शित स्पन्दन (pulse) $P$ दृढ़ आधार से परावर्तित होती है $A, B, C$ और $D$ में से कौन परावर्तित स्पन्दन को व्यक्त करेगा

$2.50 \,kg$ द्रव्यमान की $20\, cm$ लंबी तानित डोरी पर $200\, N$ बल का तनाव है । यदि इस डोरी के एक सिरे को अनुप्रस्थ झटका दिया जाए तो उत्पन्न विक्षोभ कितने समय में दूसरे सिरे तक पहुँचेगा ?

$20 \,m$ लम्बाई की एकसमान डोरी को एक दृढ़ आधार से लटकाया गया है। इसके निचले सिरे से एक सूक्ष तरंग-स्पंद चालित होता है। ऊपर अधार तक पहुँचने में लगने वाला समय है:

$\left(g=10\, ms ^{-2}\right.$ लें $)$

  • [JEE MAIN 2016]

द्रव्यमान $m _{1}$ तथा लम्बाई $L$ की कोई एकसमान रस्सी किर्सी दृढ टेक से ऊर्ध्वाधर लटकी है। इस रस्री के मुक्त सिरे से द्रव्यमान $m _{2}$ का कोर्ई गुटका जुड़ा है । रस्सी के मुक्त सिरे पर तरंगदैर्ध्य $\lambda_{1}$ का कोई अनुप्रस्थ स्पन्द उत्पत्र किया जाता है। यदि रस्सी के शीर्प तक पहुँचने पर इस स्पन्द की तरंगदैर्ध्य $\lambda_{2}$ हो जाती है, तब अनुपात $\lambda_{2} / \lambda_{1}$ का मान है

  • [NEET 2016]