एक पदार्थ से प्रकाश वैद्युत उत्सर्जन के लिए देहली तरंग दैर्ध्य $5500 \mathring A$ है। इस पदार्थ को निम्न में से किससे आने वाले किसी एक एकवर्णी विकिरण से प्रकाशित करने पर प्रकाश इलैक्ट्रॉन उत्सर्जित होंगे?
$A.$ $75 \mathrm{~W}$ अवरक्त लैम्प
$B.$ $10 \mathrm{~W}$ अवरक्त लैम्प
$C.$ $75 \mathrm{~W}$ पराबैंगनी लैम्प
$D.$ $10 \mathrm{~W}$ पराबैंगनी लैम्प
नीचे दिये गये विकल्पों से सही उत्तर चुनिए:
केवल $\mathrm{B}$ और $\mathrm{C}$
केवल $\mathrm{A}$ और $\mathrm{D}$
केवल $C$
केवल $C$ और $D$
$40$ सेमी. फोकस दूरी का एक उत्तल लैंस का प्रकाश विद्युत सेल पर वृहद स्त्रोत का प्रतिबिम्ब बनाता है। जिससे धारा I उत्पन्न होती है। यदि लैंस को एक समान व्यास तथा $20$ सेमी. फोकस दूरी के दूसरे लैंस द्वारा बदल दिया जाता है। जब प्रकाश विद्युत धारा होगी :
$200 \;W$ का सोडियम स्ट्रीट लैंप तरंगदैर्ध्य $0.6\;\mu m$ के पीले प्रकाश का उत्सर्जन करता है। यह मानते हुए कि यह विद्युत ऊर्जा को प्रकाश में परिवर्तित करने में $50\%$ दक्ष है, प्रति सेकंड उत्सर्जित पीले प्रकाश के फोटॉनों की संख्या है
$1\; keV$ ऊर्जा वाले फोटॉन की तरंगदैध्र्य $1.24 \times {10^{ - 9}}\;m$ है तो $1\;MeV$ वाले फोटॉन की आवृत्ति होगी
जब प्रकाश दिये गये तरंगदैर्ध्य (wavelength) से एक धात्वीय पृष्ठ (metallic surface) पर पड़ता है तो उत्सर्जित (emitted) फोटोइलेक्ट्रॉन्स को रोकने के लिए $6.0 V$ के निम्नतम विभव की आवश्यकता होती है। यदि एक दूसरे स्त्रोत जिसका तरंगदैर्ध्य पहले वाले से चार गुना और तीव्रता (intensity) पहले वाले से आधी है को प्रयोग में लाया जाये तो विभव घट कर $0.6 V$ रह जाता है। पहले स्त्रोत की तरंगदैर्ध्य और धातु का कार्य फलन क्रमशः क्या होगा ?
$[\frac{h c}{e}=1.24 \times 10^{-6} Jm C ^{-1}$ लें ]