दो भिन्न धातुओं की समान प्लेटों को जोड़कर एक प्लेट बनाई जाती है, जिसकी मोटाई प्रत्येक प्लेट की मोटाई से दुगुनी है। यदि प्रत्येक प्लेट का ऊष्मा चालकता गुणांक क्रमश: $2$ इकाई और $3$ इकाई है तो संयोजित प्लेट का ऊष्मा चालकता गुणांक होगा
$5$ इकाई
$2.4$ इकाई
$1.5$ इकाई
$1.2$ इकाई
किसी पीतल के बॉयलर की पेंदी का क्षेत्रफल $0.15\, m ^{2}$ तथा मोटाई $1.0\, cm$ है। किसी गैस स्टोव पर रखने पर इसमें $6.0\, kg / min$ की दर से जल उबलता है। बॉयलर के संपर्क की ज्वाला के भाग का ताप आकलित कीजिए। पीतल की ऊष्मा चालकता $=109 \,J s ^{-1}\, m ^{-1}\, K ^{-1}$;जल की वाष्पन ऊष्मा $=2256 \times 10^{3}\; J kg ^{-1}$ है।
एक पतले तार $PQ$ के छोर $Q$ को अन्य पतले तार $RS$ के छोर $R$ पर टांका लगाकर (soldered) जोड़ा गया है। $10^{\circ} C$ पर दोनों तारों की लम्बाई $1 m$ है। अब इस निकाय के छोर $P$ तथा छोर $S$ को क्रमशः $10^{\circ} C$ तथा $400^{\circ} C$ पर स्थिर रखा जाता हैं। यह निकाय चारों ओर से ऊष्मारोधी है। यदि तार $PQ$ की ऊष्म चालक्ता तार $RS$ की ऊष्म चालक्ता से दुगुनी है तथा तार $PQ$ का रेखीय अष्मित वृद्धि गुणांक (coefficient of linear thermal expansion) $1.2 \times 10^{-5} K ^{-1}$ है, तब तार $PQ$ की लम्बाई में परिवर्तन का मान है
मिट्टी के घर गर्मियों में ठण्डे तथा सर्दियों में गरम होते हैं, क्योंकि
ऊष्मीय प्रतिरोध की विमा है
किसी कमरे की एक खिड़की के कांच का क्षेत्रफल $10\;{m^2}$ है और मोटाई $2$ मिमी है, बाहर के तथा अन्दर के ताप क्रमश: ${40^o}C$ तथा ${20^o}C$ हैं। कांच की ऊष्मा चालकता $MKS$ पद्धति में $0.2$ है। प्रति सैकण्ड कमरे में ऊष्मा का संचार है