$1\; keV$ ऊर्जा वाले फोटॉन की तरंगदैध्र्य $1.24 \times {10^{ - 9}}\;m$ है तो $1\;MeV$ वाले फोटॉन की आवृत्ति होगी
$1.24 \times {10^{15}}\;Hz$
$2.4 \times {10^{20}}\;Hz$
$1.24 \times {10^{18}}\;Hz$
$2.4 \times {10^{23}}\;Hz$
पृथ्वी के पृष्ठ पर पहुँचने वाला सूर्य-प्रकाश का ऊर्जा-अभिवाह ( फ्लक्स ) $1.388 \times 10^{3}$ $W / m ^{2}$ है। लगभग कितने फ़ोटॉन प्रति वर्ग मीटर प्रति सेकंड पृथ्वी पर आपतित होते हैं? यह मान लें कि सूर्य-प्रकाश में फ़ोटॉन का औसत तरंगदैर्घ्य $550\, nm$ है।
विकिरण की द्वैत प्रकृति दर्शायी जाती है
प्रकाश विद्युत प्रभाव में इलेक्ट्रॉन एक धातु की सतह से उत्सर्जित होते हैं
एक $100\, W$ सोडियम बल्ब (लैंप) सभी दिशाओं में एकसमान ऊर्जा विकिरित करता है। लैंप को एक ऐसे बड़े गोले के केंद्र पर रखा गया है जो इस पर आपतित सोडियम के संपूर्ण प्रकाश को अवशोषित करता है। सोडियम प्रकाश का तरंगदैर्घ्य $589\, nm$ है। $(a)$ सोडियम प्रकाश से जुड़े प्रति फ़ोटॉन की ऊर्जा कितनी है? $(b)$ गोले को किस दर से फ़ोटॉन प्रदान किए जा रहे हैं?
$100eV$ ऊर्जा के फोटॉन की आवृत्ति होगी $(h = 6.6 \times {10^{ - 34}}\,J{\rm{ - }}sec)$