यदि आवेशित कणों के मध्य की दूरी आधी कर दी जाती है, तो कणों के मध्य का बल होगा
एक-चौथाई
आधा
दुगना
चार गुना
दो समान आवेश $Q$ परस्पर कुछ दूरी पर रखे हैं इनको मिलाने वाली रेखा के केन्द्र पर $q$ आवेश रखा गया है। तीनों आवेशों का निकाय सन्तुलन में होगा यदि $q$ का मान हो
उपेक्षणीय आयतन के दो सर्वसम चालक गोलों पर $2.1\, nC$ और $-0.1\, nC$ के आवेश हैं। इस दोनों को सम्पर्क में लाकर फिर $0.5 \,m$ की दूरी पर रख दिया गया है। इन दोनों गोलों के बीच स्थिर विधुत बल $.....\,\times 10^{-9} N$ होगा।
[दिया है : $4 \pi \varepsilon_{0}=\frac{1}{9 \times 10^{9}} \,SI$ मात्रक]
शुद्ध जल का परावैद्युतांक $81$ है, तो इसकी वैद्युतशीलता होगी
अनंत बिन्दु आवेशों, जिनमें प्रत्येक पर $1\, \mu \,C$ का आवेश है। को $y$-अक्ष के अनुदिश $y =1 \,m , 2\,m$, $4\, m , 8\, m \ldots$ रखा गया है। मूलबिन्दु पर रखे $1\, C$ बिन्दु आवेश पर लगने वाला कुल बल $x\, \times 10^{3}\, N$ है। यहाँ $x$ का मान निकटतम पूर्णांक $......$ होगा। $\left[\frac{1}{4 \pi \epsilon_{0}}=9 \times 10^{9} \,N\,m ^{2} / C ^{2}\right.$ लीजिए । $]$
धातु के गोले $A$ व $B$ जिनमें $A$ की त्रिज्या $B$ की तुलना में अधिक है, एक पतले तार से जुड़े हैं। इस समायोजन को कुछ आवेश दिया जाता है, अधिक आवेश होगा