यदि आवेशित कणों के मध्य की दूरी आधी कर दी जाती है, तो कणों के मध्य का बल होगा
एक-चौथाई
आधा
दुगना
चार गुना
दो आवेश $+1\,\mu C$ एवं $+5\,\mu C$ एक दूसरे से कुछ दूरी पर स्थित हैं। उन पर लगने वाले बलों का अनुपात होगा
$20$ कूलॉम्ब और $Q\;$ कूलॉम्ब के दो धन आवेश एक-दूसरे से $60$ सेमी की दूरी पर स्थित हैं। उनके बीच उदासीन बिन्दु $20$ कूलॉम्ब वाले आवेश से $20$ सेमी पर है, तो $Q$ का मान .......$C$ है
तीन बिन्दु आवेश $q,-2 q$ तथा $2 q, x$-अक्ष पर मूलबिन्दु से क्रमशः $x=0, x=\frac{3}{4} R$ तथा $x=R$ दूरी पर चित्रानुसार रखे हुये है। यदि $\mathrm{q}=2 \times 10^{-6} \mathrm{C}$ तथा $\mathrm{R}=2 \mathrm{~cm}$ हो तो आवेश $-2 \mathrm{q}$ पर लगने वाले कुल बल का परिमाण है।
एक धनात्मक आवेशित लम्बे सीधे तार द्वारा $r$ दूरी पर विद्युत क्षेत्र का मान $r^{-1}$ के समानुपाती है। ऐसे एक लम्बे सीधे तार के चारों ओर दो इलेक्ट्रान $1 \,\mathring A$ और $2 \,\mathring A$ त्रिज्या वाली वृतीय कक्षाओं में परिक्रमण करते है। इनके आवर्तकाल का अनुपात निम्न है
धातु के गोले $A$ व $B$ जिनमें $A$ की त्रिज्या $B$ की तुलना में अधिक है, एक पतले तार से जुड़े हैं। इस समायोजन को कुछ आवेश दिया जाता है, अधिक आवेश होगा