$ABC$ एक समबाहु त्रिभुज है। प्रत्येक शीर्ष पर $ + \,q$ आवेश रखा गया है। बिन्दु $O$ पर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता होगी
$\frac{1}{{4\pi {\varepsilon _0}}}\frac{q}{{{r^2}}}$
$\frac{1}{{4\pi {\varepsilon _0}}}\frac{q}{r}$
शून्य
$\frac{1}{{4\pi {\varepsilon _0}}}\frac{{3q}}{{{r^2}}}$
द्रव्यमान $M$ तथा आवेश $q$ का एक पिण्ड एक स्प्रिंग नियतांक $k$ की स्प्रिंग से जुड़ा है। यह पिण्ड $x-$ दिशा में अपनी साम्यावस्था $x=0$ के सापेक्ष आयाम $A$ से दोलन कर रहा है। $x-$ दिशा में एक विघुत क्षेत्र $E$ लगाया जाता है। निम्न कथनों में कौन सा कथन सत्य है ?
आरेक्ष में दर्शाए गए अनुसार बिन्दु $O$ पर विधुत क्षेत्र का परिमाण क्या होगा ? आरेख की प्रत्येक भुजा की लम्बाई $l$ है तथा प्रत्येक भुजा एक-दूसरे के लम्बवत् है।
त्रिज्या $R$ के एक एकसमान आवेशित वलय के विध्युत क्षेत्र का मान उसके अक्ष पर केंद्र से $h$ दूरी पर अधिकतम है। $h$ का मान होगा:
ड्यूट्रॉन तथा $\alpha - $कण वायु में $1\,{\mathop A\limits^o }$ की दूरी पर हैं। ड्यूट्रॉन के कारण $\alpha - $ कण पर कार्य करने वाली विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का परिमाण होगा
निम्न चित्र में बिन्दु $A$ से कितनी.........सेमी दूरी पर विद्युत क्षेत्र शून्य है