$A B C$ एक समबाहु त्रिभुज है, जिसका केन्द्र $O$ है। $\vec{F}_{1}, \vec{F}_{2}$ तथा $\vec{F}_{3}$ क्रमशः $A B, B C$ तथा $A C$ दिशा में लगे बल हैं। यदि $O$ के परितः कुल बल-आघूर्ण (टॉक) शून्य हो तो, $\vec{F}_{3}$ का मान होगा
$({F_1} + {F_2})/2$
$2\,({F_1} + {F_2})$
$({F_1} + {F_2})$
$({F_1} - {F_2})$
एक " $V "$-आकार के दृढ पिंड में दो समरूप एकसमान भुजाएं हैं। भुजाओं के बीच क्या कोण होगा जिससे कि इस पिंड को एक भुजा से लटकाने पर दूसरी भुजा पूर्णतया क्षैतिज हो जायेगी?
एकसमान द्रव्यमान घनत्व की छड़ों से बनायी हुई $L-$आकृति के एक वस्तु को चित्रानुसार, एक डोरी से लटकाया गया है। यदि $AB = BC$ तथा $AB$ द्वारा उर्ध्वाधर निम्न दिशा से बनाया कोण $\theta$ है, तो :
$\ell$ लम्बाई और $m$ द्रव्यमान वाली एक छड़ $A$ के परित : ऊर्ध्वाधर समतल में घूर्णन करने के लिए मुक्त है। यह छड़ जो आरंभिक रूप से क्षैतिज स्थिति में है छोड़ दी गयी। छड़ का आरंभिक कोणीय त्वरण है $( A$ के परित : छड़ का जड़त्व आघूर्ण है $\frac{ m \ell^{2}}{3}$ ):
एक मीटर छड़ के केन्द्र के नीचे क्षुर-धार रखने पर वह इस पर संतुलित हो जाती है जब दो सिक्के, जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान $5\, g$ है, $12.0\, cm$ के चिन्ह पर एक के ऊपर एक रखे जाते हैं तो छड़ $45.0\, cm$ चिन्ह पर संतुलित हो जाती है। मीटर छड़ का द्रव्यमान क्या है ?
एक त्रिज्या $R$ तथा द्रव्यमान $M$ की एकसमान डिस्क केवल अपनी अक्ष के परितः घूर्णन के लिये स्वतंत्र है। चित्रानुसार इस डिस्क की परिधि पर एक डोरी लपेटकर, डोरी के स्वतंत्र सिरे से एक द्रव्यमान $m$ को बाँधा गया है। यदि द्रव्यमान को स्थिरावस्था से छोड़ा जाता है तो उसका त्वरण होगा