एक $0.5\,kg$ का ब्लॉक $12\,ms ^{-1}$ की चाल से गतिशील है तथा यह एक स्प्रिंग को $30\,cm$ की दूरी से संकुचित करता है, जब इसकी गति आधी हो जाती है, तो स्प्रिंग का स्प्रिंग नियतांक $Nm ^{-1}$ में ज्ञात कीजिये।
$680$
$700$
$608$
$600$
एक स्प्रिंग, जिसका स्प्रिंग नियतांक $k$ है, को $x = 0$ से $x = {x_1}$ दूरी तक खींचा जाता है। सम्पादित कार्य होगा
$5 \times {10^3}N/m$ स्प्रिंग नियतांक की स्प्रिंग को सामान्य स्थिति से $5\,cm$ खींचा जाता है। इसे $5\,cm$ और खींचने के लिए आवश्यक कार्य ............. $\mathrm{N-m}$ होगा
नीचे दिये चित्र में एक $m$ द्रव्यमान का द्रव्यपिंड एक घर्षण रहित आनत तल पर $H$ ऊंचाई से विश्राम की अवस्था से सर्पण करना प्रारन्भ करता है। यह द्रव्यपिंड जिसका गतिज घर्षण गुणांक $\mu$ है, पर $d$ दूरी तय करने के बाद एक कमानी (जिसका कमानी स्थिरांक $k$ है) को क्षण भर रुकने से पहले $x$ दूरी तक दबाता है। जब कमानी फैलती है तब पिंड पुनः लौटते हुए $h$ ऊंचाई तक जाता है। तब
$A$ व $B$, $m$ द्रव्यमान के एकसमान गुटके हैं। ये दोनों एक घर्षण-हीन तल पर एक स्प्रिंग द्वारा जोड़कर रखे हैं। स्प्रिंग की सामान्य लम्बाई $L$ एवं बल नियतांक $K$ है। प्रारम्भ में स्प्रिंग सामान्य अवस्था में है। अब एक अन्य सर्वसम गुटका $C$ (द्रव्यमान$-m$) $v$ वेग से $A$ व $B$ को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश $A$ से टकराता है। स्प्रिंग में उत्पन्न अधिकतम संपीड़न है
दो सर्वसम गुटके $A$ और $B$, जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान $m$ है, प्राकतिक लम्बाई $L$ और कमानी नियतांक $K$ की किसी हल्की कमानी से संयोजित होकर किसी चिकने पष्ठ पर विराम की स्थित में हैं। कोई तीसरा गुटका $C$, जिसका द्रव्यमान $m$ है, $A$ और $B$ को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश चाल $v$ से गमन करते हुए गुटके $A$ से संघट्ट करता है। कमानी में होने वाला अधिकतम संपीडन है।