किसी रूक्ष आनत तल पर रखा हुआ $1\, kg$ द्रव्यमान का गुटका किसी $100\, N m ^{-1}$ स्प्रिंग नियतांक वाले स्प्रिंग से दिए गए चित्र के अनुसार जुड़ा है। गुटके को स्प्रिंग की बिना खिंची स्थिति में, विरामावस्था से छोड़ा जाता है। गुटका विरामावस्था में आने से पहले आनत तल पर $10\, cm$ नीचे खिसक जाता है। गुटके और आनत तल के मध्य घर्षण गुणांक ज्ञात कीजिए। मान लीजिए कि स्प्रिंग का द्रव्यमान उपेक्षणीय है और घिरनी घर्षणरहित है।
$0.564$
$0.368$
$0.115$
$0.256$
गतिशील न्यूट्रॉनों का मंदन : किसी नाभिकीय रिऐक्टर में तीव्रगामी न्यट्रॉन ( विशिष्ट रूप से वेग $10^{7} \,m s ^{-1}$ ) को $10^{3} \,m s ^{-1}$ के वेग तक मंदित कर दिया जाना चाहिए ताकि नाभिकीय विखंडन अभिक्रिया में न्यूट्रॉन की यूरिनियम के समस्थानिक ${ }_{92}^{23} \,U$ से अन्योन्यक्रिया करने की प्रायिकता उच्च हो जाए। सिद्ध कीजिए कि न्यूटोंन एक हलके नाभिक, जैसे ड्यूटीरियम या कार्बन जिसका द्रव्यमान न्यूटॉन के द्रव्यमान का मात्र कुछ गुना है, से प्रत्यास्थ संघट करने में अपनी अधिकांश गतिज ऊर्जा की क्षति कर देता है। ऐसे पदार्थ प्राय: भारी जल $\left( D _{2} O \right)$ अथवा ग्रेफाइट, जो न्यूट्रॉनों की गति को मंद कर देते हें, 'मंदक' कहलाते हैं।
$1\, kg$ द्रव्यमान का एक पिण्ड $100\, m$ ऊँचाई से स्वतंत्र रूप से $3\, kg$ द्रव्यमान के एक प्लेटफॉर्म पर गिरता है यह प्लेटफॉर्म एक स्प्रिंग नियतांक $k =1.25 \times 10^{6} \,N / m$. की स्प्रिंग पर लगा है। पिण्ड प्लेटफॉर्म पर चिपक जाता है और स्प्रिंग का अधिकतम संपीड़न $x$ पाया जाता है। $x$ का निकटतम मान $......\,cm$ होगा। $\left( g =10\, ms ^{-2}\right)$
दो सर्वसम गुटके $A$ और $B$, जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान $m$ है, प्राकतिक लम्बाई $L$ और कमानी नियतांक $K$ की किसी हल्की कमानी से संयोजित होकर किसी चिकने पष्ठ पर विराम की स्थित में हैं। कोई तीसरा गुटका $C$, जिसका द्रव्यमान $m$ है, $A$ और $B$ को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश चाल $v$ से गमन करते हुए गुटके $A$ से संघट्ट करता है। कमानी में होने वाला अधिकतम संपीडन है।
किसी स्प्रिंग से भार लटकाने पर उत्पन खिंचाव $x$ हो, तो संचित ऊर्जा का मान होगा, (यदि स्प्रिंग का तनाव $T$ एवं स्प्रिंग नियतांक $K$ हो)
जब $1.0 kg$ द्रव्यमान को $50 cm$ लम्बाई की स्प्रिंग से लटकाया जाता है, तो स्प्रिंग $2 cm$ खिंच जाती है। यदि द्रव्यमान को तब तक नीचे खींचा जाये जब तक कि स्प्रिंग $60 cm$ लम्बी न हो जाये तो इस स्थिति में स्प्रिंग में संचित प्रत्यास्थ ऊर्जा ............ $\mathrm{Joule}$ होगी (यदि $g = 10\;m/s)$