नीचे दिये चित्र में एक $m$ द्रव्यमान का द्रव्यपिंड एक घर्षण रहित आनत तल पर $H$ ऊंचाई से विश्राम की अवस्था से सर्पण करना प्रारन्भ करता है। यह द्रव्यपिंड जिसका गतिज घर्षण गुणांक $\mu$ है, पर $d$ दूरी तय करने के बाद एक कमानी (जिसका कमानी स्थिरांक $k$ है) को क्षण भर रुकने से पहले $x$ दूरी तक दबाता है। जब कमानी फैलती है तब पिंड पुनः लौटते हुए $h$ ऊंचाई तक जाता है। तब
$h=H-2 \mu(d+x)$
$h=H+2 \mu(d-x)$
$h=H-2 \mu d+k x^2 / mg$
$h=H-2 \mu(d+x)+k x^2 / 2 m g$
एक ऊर्ध्व स्प्रिंग मेज़ से खड़ा जोड़ा हुआ है। इसका बल नियतांक $k$ है। द्रव्यमान $m$ के एक गोले को स्प्रिंग के मुक्त सिरे के ठीक ऊपर से ऊँचाई $h$ से गिराने पर स्प्रिंग दूरी $d$ से पिचक जाता है। इस प्रक्रम में हुआ शुद्ध कार्य होगा
कार दुर्घटना को दिखाने के लिए ( अनुकार) मोटरकार निर्माता विभिन्न स्स्रिंग नियतांकों के स्प्रिंगों का फ्रेम चढ़ाकर चलती हुई कारों के संघट्ट का अध्ययन करते हैं। मान लीजिए किसी प्रतीकात्मक अनुरूपण में कोई $1000\, kg$ द्रव्यमान की कार एक चिकनी सड़क पर $18\, km / h$ की चाल से चलते हुए, क्षैतिज फ्रेम पर चढ़ाए गए स्प्रिंग से संघ्ट करती है जिसका स्प्रिंग नियतांक $6.25 \times 10^{3} N m ^{-1}$ है। इसमे में घर्षण गुणांक $\mu$ का मान $0.5$ लेकर कमानी के अधिकतम संपीडन का परिकलन कीजिए।
किसी स्प्रिंग को $‘S’$ दूरी तक खींचने पर स्थितिज ऊर्जा $10$ जूल है। इस स्प्रिंग को $‘S’$ दूरी तक और खींचने के लिए आवश्यक कार्य (जूल में) है
एक $0.5\,kg$ का ब्लॉक $12\,ms ^{-1}$ की चाल से गतिशील है तथा यह एक स्प्रिंग को $30\,cm$ की दूरी से संकुचित करता है, जब इसकी गति आधी हो जाती है, तो स्प्रिंग का स्प्रिंग नियतांक $Nm ^{-1}$ में ज्ञात कीजिये।
$1\, kg$ द्रव्यमान का एक पिण्ड $100\, m$ ऊँचाई से स्वतंत्र रूप से $3\, kg$ द्रव्यमान के एक प्लेटफॉर्म पर गिरता है यह प्लेटफॉर्म एक स्प्रिंग नियतांक $k =1.25 \times 10^{6} \,N / m$. की स्प्रिंग पर लगा है। पिण्ड प्लेटफॉर्म पर चिपक जाता है और स्प्रिंग का अधिकतम संपीड़न $x$ पाया जाता है। $x$ का निकटतम मान $......\,cm$ होगा। $\left( g =10\, ms ^{-2}\right)$