एक पिण्ड जिसकी संहति $m$ तथा प्रारम्भिक वेग $v$ है, दूसरे पिण्ड जो कि स्थिर रखा है तथा जिसकी संहति $M$ है, से प्रत्यक्ष संघट्ट करता है। यदि संघट्ट के पश्चात् $m$ संहति वाला पिण्ड स्थिर हो जाये और केवल $M$ संहति वाला पिण्ड गति करे, तो यह संभव होगा जब

  • A

    $m > > M$

  • B

    $m < < M$

  • C

    $m = M$

  • D

    $m = \frac{1}{2}M$

Similar Questions

समान द्रव्यमान $m$ के दो कणों का प्रारम्भिक वेग $ui$ और $u \left(\frac{\hat{ i }+\hat{ j }}{2}\right)$ है। ये कण पूर्णतः अप्रत्यास्थ रूप से टकराते हैं। इस प्रक्रिया में होने वाली ऊर्जा की क्षति है :

  • [JEE MAIN 2020]

अचर वेग $u$ से गतिमान $m$ द्रव्यमान का एक गोला उसी द्रव्यमान के स्थिर गोले से टकराता है। यदि प्रत्यावस्थान गुणांक $e$ हो, तो  टक्कर के पश्चात दोनों गोलों के वेगों का अनुपात होगा

एक कण $h $ ऊँचाई से एक स्थिर क्षैतिज तल पर गिरता है तथा ऊछलता है। यदि $e $ निष्कृति गुणांक हो, तो कण के विराम में आने से पहले चली गई कुल दूरी होगी

समान द्रव्यमान के दो पूर्ण प्रत्यास्थ कण $P$ व $Q$, उनको जोड़ने वाली रेखा के अनुदिश क्रमश: $15\,m/\sec $ व $10\,m/\sec $ के वेग से गति कर रहे हैं।  टक्कर के पश्चात् उनके वेग क्रमश: होंगे ($m/s $ में)

घर्षण रहित सतह पर एक क्षैतिज खाँचे में एक समान छ: गेंदें रखी गई हैं जैसा कि चित्र में प्रदर्शित है। यदि एक जैसी दो गेंदें वेग $v$ के साथ बाँयी ओर से इन छ: गेंदों की पंक्ति से प्रत्यास्थत: टकराती हैं, तब