समान द्रव्यमान के दो पूर्ण प्रत्यास्थ कण $P$ व $Q$, उनको जोड़ने वाली रेखा के अनुदिश क्रमश: $15\,m/\sec $ व $10\,m/\sec $ के वेग से गति कर रहे हैं। टक्कर के पश्चात् उनके वेग क्रमश: होंगे ($m/s $ में)
$0, 25$
$5, 20$
$10, 15$
$20, 5$
किसी लोलक के गोलक $A$ को, जो ऊर्ध्वाधर से $30^{\circ}$ का कोण बनाता है, छोड़े जाने पर मेज पर, विरामावस्था में रखे दूसरे गोलक $B$ से टकराता है जैसा कि चित्र में प्रदर्शित है। ज्ञात कीजिए कि संघट्ट के पश्चात् गोलक $A$ कितना ऊंचा उठता है? गोलकों के आकारों की उपेक्षा कीजिए और मान लीजिए कि संघट्ट प्रत्यास्थ है।
एक द्रव्यमान $‘m’ \,v$ वेग से एक अन्य समान द्रव्यमान से अप्रत्यास्थत: टकराता है। संघट्ट के पश्चात् प्रथम द्रव्यमान $\frac{v}{{\sqrt 3 }}$ वेग से अपनी पूर्व गति की दिशा के लंबवत दिशा में गति करने लगता है। संघट्ट के पश्चात् दूसरे द्रव्यमान का वेग होगा
यदि एक न्यूट्रॉन की एक स्थिर अवस्था के ड्यूटीरियम से प्रत्यास्थ एक रेखीय संघट्ट होती है, तो उसकी ऊर्जा का आंशिक क्षय $p _{ d }$ पाया जाता है एवं उसके स्थिर अवस्था के कार्बन नाभिक से समरूप संघट्ट में ऊर्जा का आंशिक क्षय $p _{ c }$ पाया जाता है। $p _{ d }$ तथा $p _{ c }$ के मान क्रमश: होंगे
$v$ वेग से गतिशील $10$ ग्राम की एक गोली स्थिर लोलक के गोलक से सम्मुख टकराती है तथा $100$ मी/से वेग से प्रतिक्षेप करती है। लोलक की लम्बाई $0.5$ मी तथा लोलक का द्रव्यमान $1$ किग्रा है। $v=......$ मी/से के न्यूनतम मान पर लोलक पूर्ण वत्त घूमता है। (मान लीजिए डोरी अवितान्य है तथा $g=10$ मी/से $^{2}$ है)
एक $1$ किग्रा द्रव्यमान का एक पिण्ड दूसरे द्रव्यमान 3 किग्रा वाले पिण्ड से आमने सामने प्रत्यास्थ संघट्ट करता है। संघट्ट के पश्चात छोटा पिण्ड $2 \mathrm{~m} / \mathrm{s}$ की चाल से विपरीत दिशा में गति करने लगता है। संघट्ट से पूर्व छोटे पिण्ड की प्रारंभिक चाल _________ $\mathrm{ms}^{-1}$ है।