एक संधारित्र दो वर्गाकार प्लेटों (आकार $a \times a$ ) से बना है। प्लेटों के बीच एक बहुत छोटा कोण ' $\alpha$ ' है जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। इस संधारित्र की विधुत धारिता निम्न में से किसके निकटतम होगी ?
$\frac{\varepsilon_{0} a^{2}}{d}\left(1-\frac{3 \alpha a}{2 d}\right)$
$\frac{\varepsilon_{0} a^{2}}{d}\left(1-\frac{\alpha a}{4 d}\right)$
$\frac{\varepsilon_{0} {a}^{2}}{\mathrm{d}}\left(1+\frac{\alpha {a}}{\mathrm{d}}\right)$
$\frac{\varepsilon_{0} a^{2}}{d}\left(1-\frac{\alpha a}{2 d}\right)$
$1$ $\mu F$ धारिता वाली एक आवेशित बूँद आठ छोटी-छोटी बूंदों में विभक्त की जाती है। प्रत्येक छोटी बूँद की धारिता .......$\mu F$ होगी
$64$ बूदों को मिलाकर एक बड़ी बूँद बनायी गयी है। यदि प्रत्येक छोटी बूँद की धारिता $C$, विभव $V$ तथा आवेश $q$ है तो बड़ी बूँद की धारिता है
$A$ तथा $B$ दो सुचालक गोलों की त्रिज्याएँ $a$ तथा $b(b > a)$ तथा वायु में ये संकेन्द्रीय रखे हैं। $B$ को $+Q$ कूलॉम आवेश से आवेशित करते हैं, तथा $A$ को भू-सम्पर्कित करते हैं तो इनकी प्रभावी धारिता है
$M.K.S.$ पद्धति में गोलीय चालक की धारिता होती है
सावधानीपूर्वक उत्तर दीजिए:
$(a)$ दो बड़े चालक गोले जिन पर आवेश $Q_{1}$ और $Q_{2}$ हैं, एक-दूसरे के समीप लाए जाते हैं। क्या इनके बीच स्थिरवैध्यूत बल का परिमाण तथ्यत:
$Q_{1} Q_{2} / 4 \pi \varepsilon_{0} r^{2}$
द्वारा दर्शाया जाता है, जहाँ $r$ इनके केंद्रों के बीच की दूरी है?
$(b)$ यद् कूलॉम के नियम में $1 / r^{3}$ निर्भरता का समावेश ( $1 / r^{2}$ के स्थान पर) हो तो क्या गाउस का नियम अभी भी सत्य होगा?
$(c)$ स्थिरवैध्युत क्षेत्र विन्यास में एक छोटा परीक्षण आवेश किसी बिंदु पर विराम में छोड़ा जाता है। क्या यह उस बिंदु से होकर जाने वाली क्षेत्र रेखा के अनुदिश चलेगा?
$(d)$ इलेक्ट्रॉन द्वारा एक वृत्तीय कक्षा पूरी करने में नाभिक के क्षेत्र द्वारा कितना कार्य किया जाता है? यदि कक्षा दीर्घवृत्ताकार हो तो क्या होगा?
$(e)$ हमें ज्ञात है कि एक आवेशित चालक के पृष्ठ के आर-पार विध्युत क्षेत्र असंतत होता है। क्या वहाँ वैध्युत विभव भी असंतत होगा?
$(f)$ किसी एकल चालक की धारिता से आपका क्या अभिप्राय है?
$(g)$ एक संभावित उत्तर की कल्पना कीजिए कि पानी का परावैध्युतांक $(= 80),$ अभ्रक के परावैध्युतांक $(=6)$ से अधिक क्यों होता है?