$1/9\,F$ धारिता वाले एक धात्विक गोले की त्रिज्या होगी

  • A

    ${10^6}\,m$

  • B

    ${10^7}\,m$

  • C

    ${10^9}\,m$

  • D

    ${10^8}\,m$

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निम्न का उत्तर दीजिए :

$(a)$ पृथ्वी के पृष्ठ के सापेक्ष वायुमंडल की ऊपरी परत लगभग $400\, kV$ पर है, जिसके संगत विध्यूत क्षेत्र ऊँचाई बढ़ने के साथ कम होता है। पृथ्वी के पृष्ठ के समीप विध्यूत क्षेत्र लगभग $100 V m ^{-1}$ है। तब फिर जब हम घर से बाहर खुले में जाते हैं, तो हमें विध्यूत आघात क्यों नहीं लगता? ( घर को लोहे का पिंजरा मान लीजिए, अतः उसके अंदर कोई विध्यूत क्षेत्र नहीं है !

$(b)$ एक व्यक्ति शाम के समय अपने घर के बाहर $2\, m$ ऊँचा अवरोधी पट्ट रखता है जिसके शिखर पर एक $1 \,m ^{2}$ क्षेत्रफल की बड़ी ऐलुमिनियम की चादर है। अगली सुबह वह यदि धातु की चादर को छूता है तो क्या उसे विध्यूत आघात लगेगा?

$(c)$ वायु की थोड़ी-सी चालकता के कारण सारे संसार में औसतन वायुमंडल में विसर्जन धारा $1800\, A$ मानी जाती है। तब यथासमय वातावरण स्वयं पूर्णत: निरावेशित होकर विध्यूत उदासीन क्यों नहीं हो जाता? दूसरे शब्दों में, वातावरण को कौन आवेशित रखता है?

$(d)$ तड़ित के दौरान वातावरण की विध्यूत ऊर्जा, ऊर्जा के किन रूपों में क्षयित होती है?

चालक की धारिता निर्भर नहीं करती है

एक संधारित्र की दो प्लेटों पर विभव क्रमश: $+10\,V$ एवं $-10\,V$ है। यदि एक प्लेट पर आवेश $40\,C$ है तो संधारित्र की धारिता .......$F$ होगी

दो एकसमान धातु प्लेटों पर क्रमश: धन आवेश ${Q_1}$, ${Q_2}$, ${Q_3}$ व ${Q_4}$ दिये गये हैं। अब यदि इन प्लेटों को पास लाकर $C$  धारिता का समान्तर पट्टिका संधारित्र बनाया जाता है, तब प्लेटों के बीच विभवान्तर होगा

  • [IIT 1999]

$2\,\mu F$ धारिता वाले एक संधारित्र को एकसमान रूप से $0$ से $5$ $C$ तक आवेशित किया जाता है। निम्न में से कौनसा ग्राफ संधारित्र पर विभवान्तर और आवेश के सम्बन्ध को सही दर्शाता है