एक कार का भार $1800\, kg$ है। इसकी अगली और पिछली धुरियों के बीच की दूरी $1.8\, m$ है। इसका गुरुत्व केन्द्र, अगली धुरी से $1.05\, m$ पीछे है। समतल धरती द्वारा इसके प्रत्येक अगले और पिछले पहियों पर लगने वाले बल की गणना कीजिए।
Mass of the car, $m=1800 kg$
Distance between the front and back axles, $d=1.8 m$
Distance between the $C.G.$ (centre of gravity) and the back axle $=1.05 m$
The various forces acting on the car are shown in the following figure.
$R_{ f }$ and $R{ b}$ are the forces exerted by the level ground on the front and back wheels respectively.
At translational equilibrium:
$R_{ f }+R_{ b }=m g$
$=1800 \times 9.8$
$=17640 N \ldots(i)$
For rotational equilibrium, on taking the torque about the $C.G.$, we have
$R_{ f }(1.05)=R_{ b }(1.8-1.05)$
$R_{ f } \times 1.05=R_{ b } \times 0.75$
$\frac{R_{ f }}{R_{ b }}=\frac{0.75}{1.05}=\frac{5}{7}$
$\frac{R_{ b }}{R_{ f }}=\frac{7}{5}$
$R_{ b }=1.4 R_{ f } \ldots(i i)$
Solving equations ($i$) and ($i i$), we get:
$1.4 R_{t}+R_{ f }=17640$
$R_{ f }=\frac{17640}{2.4}=7350 N$
$\therefore R_{ b }=17640-7350=10290 N$
Therefore, the force exerted on each front wheel $=\frac{7350}{2}=3675 N$
The force exerted on each back wheel $=\frac{10290}{2}=5145 N$
भार $W$ तथा लम्बाई $L$ की एक क्षैतिज (horizontal) एकसमान बीम (uniform beam) के एक सिरे को एक उर्ध्वाधर दीवार के बिन्दु $O$ पर कब्जे से अटकाया गया (hinged) है। बीम का दूसरा सिरा $P$ एक भारहीन तथा न खींचने वाली (inextensible) डोरी से बंधा है। डोरी का दूसरा सिरा $Q$ बिन्दु $O$ पर स्थित कब्जे (hinge) से $L$ ऊंचाई पर बंधा है। बीम के सिरे $P$ से $\alpha W$ भार का एक गुटका जुड़ा है, जैसा चित्र में दर्शाया गया है। चित्र पैमाने (scale) के अनुसार नहीं है। डोरी अधिकतम तनाव $(2 \sqrt{2}) W$ वहन कर सकती है। निम्न में से कौन सा(से) कथन सही है (हैं)?
$(A)$ बिन्दु $O$ पर लगे प्रतिक्रिया बल का ऊर्ध्वाधर घटक, $\alpha$ पर निर्भर नहीं करता है
$(B)$ बिन्दु $O$ पर लग प्रतिक्रिया बल का क्षैतिज घटक, $\alpha=0.5$ के लिए, $W$ के बराबर है
$(C)$ $\alpha=0.5$ के लिए डोरी में तनाव $2 W$ है
$(D)$ यदि $\alpha>1.5$ हो, तो डोरी टूट जाएगी
चित्रानुसार $R$ त्रिज्या के दो गोलक जिनके द्रव्यमान $m_1$ और $m_2$ है, $L$ लंबाई के दो रस्सियों से लटके हुए हैं $(R < < L)$ । उध्र्व के परिपेक्ष्य में $m_2$ जो $\theta$ कोण बनाती है, उसका मान निम्न होगा
एकसमान द्रव्यमान घनत्व की छड़ों से बनायी हुई $L-$आकृति के एक वस्तु को चित्रानुसार, एक डोरी से लटकाया गया है। यदि $AB = BC$ तथा $AB$ द्वारा उर्ध्वाधर निम्न दिशा से बनाया कोण $\theta$ है, तो :
$\ell$ लम्बाई और $m$ द्रव्यमान वाली एक छड़ $A$ के परित : ऊर्ध्वाधर समतल में घूर्णन करने के लिए मुक्त है। यह छड़ जो आरंभिक रूप से क्षैतिज स्थिति में है छोड़ दी गयी। छड़ का आरंभिक कोणीय त्वरण है $( A$ के परित : छड़ का जड़त्व आघूर्ण है $\frac{ m \ell^{2}}{3}$ ):
एक $\sqrt{34}\,m$ लंबी सीढ़ी जिसका द्रव्यमान $10\,kg$ है, घर्पणरहित दीवार के सहारे खड़ी है। इसके पाद-दीवार से $3\,m$ दूरी पर फर्श पर विराम में स्थित हैं यदि $F_f$ तथा $F_w$ फर्श तथा दीवार के प्रतिक्रिया बल हो तो $F_{ w } / F _{ f }$ का अनुपात होगा $\left( g =10\,m / s ^2\right.$ लें $)$