$30°C$ ताप पर जल से भरी एक बंद बोतल को चन्द्रमा के तल पर ले जाकर, उसका ढक्कन खोल दिया जाता है, तो जल
उबलने लगेगा
जम जायेगा
इसमें कोई परिवर्तन नहीं होगा
${H_2}$ और ${O_2}$ में विच्छेदित हो जावेगा
$0^{\circ} C$ पर $150\, g$ पानी को ऊष्मीय विलग पात्र में रखा गया है। पात्र से वायु को रूद्धोष्म प्रक्रम द्वारा निष्कासित करते है। पानी का एक भाग बर्फ में तथा शेष $0^{\circ} C$ की वाष्प में परिवर्तित हो जाता है। वाष्पित पानी के द्रव्यमान का निकटतम मान ....... $g$ होगा।
(पानी के वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा $=2.10 \times 10^{6}\, J kg ^{-1}$ और पानी के गलन की गुप्त ऊष्मा $=3.36 \times 10^{5} \,J kg ^{-1}$ )
एक विद्यार्थी $50\,gm$ मोम $($विशिष्ट ऊष्मा $= 0.6 kcal/kg°C)$ को लेकर तब तक गर्म करता है कि यह उबलने लगे। ताप एवं समय के बीच ग्राफ चित्रानुसार है। मोम को प्रतिमिनट प्रदान की गई ऊष्मा एवं इसका क्वथनांक क्रमश: हैं
$101^{\circ} \,F$ ताप ज्वर से पीड़ित किसी बच्चे को एन्टीपायरिन (ज्वर कम करने की दवा ) दी गई जिसके कारण उसके शरीर से पसीने के वाष्पन की दर में वृद्ध हो गई। यदि $20$ मिनट में ज्वर $98^{\circ}\, F$ तक गिर जाता है तो दवा द्वारा होने वाले अतिरिक्त वाष्पन की औसत दर क्या है ? यह मानिए कि ऊष्मा ह्यस का एकमात्र उपाय वाष्पन ही है। बच्चे का द्रव्यमान $30\, kg$ है। मानव शरीर की विशिष्ट ऊष्मा धारिता जल की विशिष्ट ऊष्मा धारिता के लगभग बराबर है तथा उस ताप पर जल के वाष्पन की गुप्त ऊष्मा $580\, cal\, g ^{-1}$ है।
$100°C$ पर जल का संतृप्त वाष्प दाब ........ $mm$ मरकरी स्तम्भ है
धातु की एक गेंद एवं अत्यंत तनी स्प्रिंग एक ही पदार्थ के बने हैं तथा इनके द्रव्यमान समान हैं। इन्हें इतना गर्म किया जाता है कि ये पिघलने लगते हैं, तो आवश्यक गुप्त ऊष्मा का मान होगा