एक फुटबाल का खिलाड़ी गेंद को क्षैतिज से $30^°$ कोण पर $50 $ मीटर/सैकण्ड के वेग से उछालता है, तो गेंद ....... $\sec$ तक हवा में रहती है ($g = 10$ मीटर/सैकण्ड2)
$2.5$
$1.25$
$5$
$0.625$
एक कण $R$ त्रिज्या के वृत्त में समान चाल से गति करते हुए एक चक्कर पूरा करने में $\mathrm{T}$ समय लेता है।
यदि यही कण क्षैतिज से उसी चाल से कोण ' $\theta$ ' पर प्रक्षेपित किया जाए, तो $4 \mathrm{R}$ के बराबर अधिकतम ऊँचाई प्राप्त करता है। प्रक्षेपण कोण $'\theta'$ दिया जाता है :
एक पिण्ड को क्षैतिज से $45^o$ के कोण पर $20$ मीटर/सैकण्ड के वेग से प्रक्षेपित किया जाता है। प्रक्षेप्य पथ का समीकरण $h = Ax - B{x^2}$ है, जहाँ $h$-ऊँचाई, $x-$क्षैतिज दूरी तथा $A$ और $B$ नियतांक है। $A$ और $B$ का अनुपात होगा $(g = 10\,m{s^{ - 2}})$
एक गोली बन्दूक से $500 $ मी/सैकण्ड के वेग से $15^°$ प्रक्षेपण कोण पर छोड़ी जाती है। यदि $g = 10$ मी/सैकण्ड$^2$ हो तो क्षैतिज परास है
$x - y$ तल ( $x$ क्षैतिज है एवं $y$ ऊपर की ओर उर्ध्व है) में मूल बिंदु से एक प्रक्षेप को $x$-अक्ष से $\alpha$ कोण बनाते हुए प्रक्षेपित किया जाता है। यदि मूल बिंदु से प्रक्षेपक की दूरी, $r=\sqrt{x^2+y^2}$, को $x$ के सापेक्ष अवलेखन किया जाए, तो $\alpha_1$ एवं $\alpha_2$ प्रक्षेपण कोणों के लिए $r ( x )$ दो अलग-अलग वक्र देता है (सलग्न चित्र देखिए) $\mid \alpha_1$ कोण के लिए $r ( x ), x$ के साथ क्रमशः बढ़ता रहता है। जबकि $\alpha_2$ कोण के लिए $r ( x )$ पहले बढ़ते हुए उच्चतम बिंदु पर पहुँचता है, फिर कम होने लगता है और एक न्यूनतम बिंदु पर पहुँचने के उपरान्त फिर से बढ़ने लगता है। इन दोनों व्यवहारों के बीच संक्रमण (switch) एक खास कोण $\alpha_{ c }\left(\alpha_1 < \alpha_{ c } < \alpha_2\right)$ पर होता है $\mid \alpha_{ c }$ का मान क्या है ? [वायु कर्षण को नगण्य मान लीजिए $\mid y(x)=x \tan \alpha-\frac{1}{2} \frac{\sec ^2 a}{v_0^2} x^2$, जहाँ $v_0$ प्रक्षेप की प्रारंभिक चाल है तथा $g$ गुरुत्वीय त्वरण है
दो गेंदें एक ही वेग से परन्तु क्षैतिज से अलग अलग कोणों पर प्रक्षेपित की जाती हैं. उनके परास एक बराबर हैं. यदि एक गेंद का प्रक्षेपण कोण $30^{\circ}$ है तथा गेंद को प्राप्त अधिकतम ऊंचाई का मान $h$ है तो दूसरी गेंद द्वारा प्राप्त अधिक्तम ऊंचाई का मान कितना होगा?