एक $8\, kg$ द्रव्यमान का स्वतंत्र पिण्ड $2 \,m/s$ के वेग से रेखीय गति कर रहा है। आन्तरिक विस्फोट के कारण किसी क्षण पिण्ड दो बराबर भागों में टूट जाता है जिससे $16$ जूल ऊर्जा मुक्त होती है। यदि किसी भी पिण्ड की गति मूल रेखा से विचलित नहीं होती है, तो
दोनों भाग समान दिशा में मूल पिण्ड के वेग से गति करते रहेंगे
एक भाग विराम में आ जाएगा तथा दूसरा भाग मूल पिण्ड की दिशा में गतिशील रहेगा
एक भाग विराम में आ जाएगा एवं दूसरा भाग मूल पिण्ड की दिशा के विपरीत दिशा में गतिशील रहेगा
एक भाग उसी दिशा में गतिशील रहेगा एवं दूसरा भाग मूल पिण्ड की दिशा के विपरीत दिशा में गतिशील रहेगा
एक द्रव्यमानरहित स्प्रिंग से जुड़े एक ही द्रव्यमान $m$ के दो कण, $1$ और $2$ , चित्रानुसार एक घर्षण रहित समतल पर हैं। प्रारंभ में, ये दोनों कण, जिनका द्रव्यमान केंद्र $x_0$ पर है, आयाम $a$ तथा कोणीय आवृति $\omega$ से दोलन कर रहे हैं| अतः, समय $t$ पर उनकी स्थितियां, क्रमशः, $x_1(t)=\left(x_0+d\right)+a \sin \omega t$ और $x_2(t)=\left(x_0-d\right)-a \sin \omega t$ हैं, जहां $d>2 a$ है। द्रव्यमान $m$ का एक कण $3$ , चाल $u_0=a \omega / 2$ से इस निकाय की तरफ चलते हुए समय $t_0$ पर कण $2$ से तात्क्षणिक प्रत्यास्थ संघट्ट (elastic collision) करता है| अंततः, कणों $1$ व $2$ का द्रव्यमान-केंद्र चाल $v_{ cm }$ से चलता है और ये कण आयाम $b$ तथा उसी कोणीय आवृति $\omega$ से दोलन करते हैं|
$1.$ यदि संघट्ट, समय $t_0=0$ पर होता है तो $v_{ cm } /(a \omega)$ का मान ........... होगा|
$2.$ यदि संघट्ट, समय $t_0=\pi /(2 \omega)$ पर होता है तो $4 b^2 / a^2$ का मान ................. होगा|
इस प्रश्न के उतर दीजिये $1$ ओर $2.$
दो कणों के द्रव्यमान क्रमश: $m_1$ तथा $m_2$ हैं। इनके प्रारम्भिक वेग क्रमश: $u_1$ तथा $u_2$ हैं। टक्कर के पश्चात् एक कण $\epsilon$ ऊर्जा अवशोषित कर उच्चतर स्तर तक उत्तेजित हो जाता है। यदि कणों के अन्तिम वेग क्रमशः $v_1$ तथा $v_2$ हो, तो
गति $'v'$ से चलता हुआ एक न्यूट्रॉन एक स्थिर हाईड्रोजन परमाणु, जो अपनी आद्य-अवस्था में है, से सम्मुख टक्कर करता है। न्युट्रॉन की वह न्यूनतम गतिज ऊर्जा बतायें जिस के होने पर यह टक्कर अप्रत्यास्थ होगी
रेखीय सरल आवर्त गति कर रहे किसी कण का स्थितिज ऊर्जा फलन $V(x)=k x^{2} / 2$ है, जहां $k$ दोलक का बल नियतांक है । $k=0.5$ $N m ^{-1}$ के लिए $V(x)$ व $x$ के मध्य ग्राफ चित्र में दिखाया गया है। यह दिखाइए कि इस विभव के अंतर्गत गतिमान कुल $1 \,J$ ऊर्जा वाले कण को अवश्य ही 'वापिस आना' चाहिए जब यह $x=\pm 2 m$ पर पहुंचता है।
एक टेनिस की गेंद को एक क्षैतिज चिकनी सतह पर गिराया जाता है। गेंद सतह से टकराने के पश्चात् पुनः अपने मुल स्थान पर पहुँच जाती है। संघट्ट (collision) के दौरान, गेंद पर लगने वाला बल उसकी संपीड़न लंबाई के अनुक्रमानुपाती है। निम्न में से कौनसा रेखाचित्र, समय $t$ के साथ गेंद की गतिज ऊर्जा $K$ के परिवर्तन को सर्वाधिक उचित रूप से प्रदर्शित करता है। (चित्र केवल सांकेतिक हैं और मापन के अनुरूप नहीं हैं)।