$T =10^{3}\, K$ तापमान के गर्म ऊष्मा भण्डार को $T =10^{2} \,K$ तापमान के ऊष्मा भण्डार से, $1\, m$ मोटाई के ताँबे के पटल द्वारा जोड़ते हैं। दिया है, ताँबे की ऊष्मा चालकता $0.1 \,WK ^{-1}\, m ^{-1}$ है। साम्यावस्था में इसमें गुजरने वाला ऊर्जा फ्लक्स .......... $Wm^{-2}$ होगा।
$90$
$120$
$65$
$200$
समान आकार की तीन छड़ें चित्रानुसार व्यवस्थित की गई हैं इनकी ऊष्मा चालकताएँ${K_1},{K_2}$ एवं ${K_3}$ हैं। बिन्दु $P$ व $Q$ को अलग-अलग तापों पर इस प्रकार रखा जाता है, कि $PRQ$ व $PQ$ के अनुदिश ऊष्मा प्रवाह की दर समान है, तब
एक ही पदार्थ के बने हुए दो बेलनाकार छड़ों द्वारा ऊष्मा का प्रवाह हो रहा है। छड़ों का व्यास $1 : 2$ के अनुपात में है और उनकी लम्बाई $2 : 1$ के अनुपात में है। यदि दोनों सिरों पर तापान्तर समान है, तब इनमें ऊष्मा प्रवाह की दर होगी
एक छड़ की $25$ सेमी लम्बाई ताँबे की एवं $10$ सेमी निकिल एवं $15$ सेमी लम्बाई एल्युमीनियम की बनी है। प्रत्येक एक-दूसरे से पूर्णत: ऊष्मीय संतुलन में हैं। ताँबे की छड़ का एक सिरा $100^\circ C$ तथा एल्युमीनियम का बाह्य सिरा $0^\circ C$ पर है। पूर्ण $50$ सेमी लम्बी छड़ को एक पट्टे से ढका गया है, जिससे उनके पृष्ठों से ऊष्मा हानि नहीं होती है। $K$(ताम्बा) $= 0.92;$ ${K}$(एलुमिनियम) $=0.5$; ${K}$(निकिल) $= 0.14$ $CGS$ मात्रक हैं, तो $Cu - Ni$ और $Ni - Al$ सन्धियों पर क्रमश: ताप होगा
$10 m$ लंबी एक तांबे की नली में $110^{\circ} C$ तापमान पर भाप प्रवाहित हो रही है। नली की बाहरी सतह $10^{\circ} C$ ताप पर स्थिर है | नली की आतंरिक एवं बाह्य त्रिज्याएँ क्रमशः $2 \,cm$ एवं $4 \,cm$ हैं | तांबे की ऊष्मा चालक्ता (thermal conductivity) $0.38 \,kW / m /{ }^{\circ} C$ है | स्थायी दशा (steady state) में नली की अरीय (radial) दिशा में बाहर की ओर ऊष्मा प्रवाह की दर ........... $kW$ निकटतम होगी ?
विभिन्न पदार्थों की बनी दो छड़ों $A$ और $B$ को, आरेख में दर्शाये गये अनुसार आपस में वैल्ड कर जोड़ दिया गया है। इन छड़ों की ऊष्मा चालकता क्रमश: $K _{1}$ तथा $K _{2}$ हैं। तो, इनसे बनी संयुक्त छड़ की ऊष्मा चालकता होगी :