एक थर्मस फ्लास्क से ऊष्मा बाहर निकलने की संभावना केवल इसके कॉर्क से है। कार्क की मोटाई $5cm$ , इसका क्षेत्रफल $75cm$ $^{2}$ एवं ऊष्मीय चालकता $0.0075cal/cmsec°C$ है। बाहर का ताप $40°​C$ तथा बर्फ की गुप्त ऊष्मा $80 cal gm-1$ है। फ्लास्क में स्थित  $500gm$ बर्फ को $0°​C$ ताप पर पिघलकर $0°​C$ का पानी बनने में लगा समय ...... $hr$ है

86-10

  • A

    $2.47$

  • B

    $4.27$

  • C

    $7.42$

  • D

    $4.72$

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लोहे के (ऊष्मा चालकता $0.2 \,CGS$ मात्रक) एक घनाकार टुकडे़ के विपरीत फलक ${100^o}C$ की भाप एवं ${0^o}C$ की बर्फ में रखे गए हैं। यदि घन के फलक का क्षेत्रफल $4$ सेमी$^2$ हो, तो $10$ मिनिट में पिघली हुई बर्फ का द्रव्यमान ..... $gm$ होगा

त्रिज्या $R$ का एक बेलन एक बेलनाकार कोश, जिसकी आंतरिक त्रिज्या $R$ तथा बाह्य त्रिज्या $2 R$ है, से घिरा है। आंतरिक बेलन की ऊष्मा चालकता $K_{1}$ तथा बाहय बेलन की ऊष्मा चालकता $K _{2}$ है। माना कि बेलनों से ऊष्मा क्षय शून्य है, तो इस निकाय की प्रभावी ऊष्मा चालकता, जबकि ऊष्मा का प्रवाह बेलन की लम्बाई के अनुदिश है, होगी।

  • [JEE MAIN 2019]

एकसमान अनुप्रस्थ काट वाली तीन छड़ों को चित्रानुसार जोड़ा गया है। प्रत्येक छड़ की लम्बाई समान है। बाँये एवं दाँये सिरों को क्रमश: ${0^o}C$ एवं ${90^o}C$ पर रखा गया है। तीनों छड़ों की सन्धि-स्थल का ताप ...... $^oC$ होगा

  • [IIT 2001]

ताँबा, पारा और काँच के ऊष्मा चालकता गुणांक क्रमश:  ${K_c},\;{K_m}$ और ${K_g}$ हैं तथा ${K_c} > {K_m} > {K_g}$ हैं। यदि प्रत्येक में से प्रति सैकण्ड प्रति एकांक क्षेत्रफल समान ऊष्मा की मात्रा प्रवाहित होती है तथा संगत ताप-प्रवणता ${X_c},\;{X_m}$और ${X_g}$ हैं, तो

$A$ तथा $B$ समान लम्बाई और वृत्तीय अनुप्रस्थ काट वाले दो तार हैं। $A$ की त्रिज्या ${R_A},B$ त्रिज्या ${R_B}$ से दुगुनी है, अर्थात् ${R_A} = 2{R_B}$ । तार के दोनों सिरों के बीच एक नियत तापान्तर होने पर दोनों तार समान दर से ऊष्मा चालन करते हैं। दोनों तारों की ऊष्मीय चालकता में निम्नलिखित अनुपात होगा