एक जेट इंजिन किस सिद्धान्त पर कार्य करता है
द्रव्यमान संरक्षण
ऊर्जा संरक्षण
संवेग संरक्षण
कोणीय संवेग संरक्षण
वेग $(\sqrt{3} \hat{ i }+\hat{ j }) ms ^{-1}$ से गतिशील द्रव्यमान $m _{1}$ का एक कण
$A$ विश्राम अवस्था में द्रव्यमान $m _{2}$ के एक कण $B$ से संघट्ट करता है। संघट्ट के पश्चात कणों $A$ एवं $B$ के वेग क्रमशः $\overrightarrow{ V }_{1}$ एवं $\overrightarrow{ V }_{2}$ है। यदि $m _{1}=2 m _{2}$ एवं संघट्ट के पश्चात $\overrightarrow{ V }_{1}=(\hat{ i }+\sqrt{3} \hat{ j }) ms ^{-1}$ तब $\overrightarrow{ V }_{1}$ एवं $\overrightarrow{ V }_{2}$ के बीच कोण $......^o$ है।
$M$ द्रव्यमान का एक पिंड $1: 1: 2$ के अनुपात में तीन भागों में विस्फोटित होता है। दो छोटे भाग एक दूसरे के लम्बवत् क्रमश: $30\,ms ^{-1}$ एवं $40\,ms ^{-1}$ वेग से उड़ते है। तीसरे भाग का वेग $..........\,ms ^{-1}$ होगा।
क्रमश: $m_{1}$ तथा $m_{2}$ द्रव्यमान के दो गोले $A$ तथा $B$ आपस में टकरातें हैं, प्रारंभ में $A$ विराम अवस्था में है और $B$ वेग $v$ से $x -$ अक्ष के अनुदिश गतिमान है। टक्क्र के पश्चात् $B$ का वेग उसके प्रारंभिक वेग की लम्बवत दिशा में $\frac{v}{2}$ हो जाता है तो, टक्कर के पश्चात् गोला $A$ की गति की दिशा होगी
$100\,gm$ द्रव्यमान का कोई कण $5\,m/s$ व की चाल से किसी दीवार से चित्र में दर्शाये गए कोण पर टकराता है, तथा उसी चाल से वापस लौट आता है। यदि संपर्क समय $2 \times {10^{ - 3}}\,\sec $ हो, तो कण द्वारा दीवार पर लगाए गए बल का मान है
क्षैतिज दिशा से $\theta $ कोण पर बन्दूक से एक गोली $v $ मी/सैकण्ड के वेग से दागी जाती है। जब गोली अपनी अधिकतम ऊँचाई पर होती है, तब विस्फोट होने से दो बराबर भागों में बँट जाती है। उनमें से एक भाग वापस विपरीत दिशा में बन्दूक के पास पहुँचता है। दूसरे भाग का विस्फोट के तुरन्त पश्चात् वेग होगा (मी/सै में)