किसी बड़े स्टील के पहिए को उसी पदार्थ की किसी धुरी पर ठीक बैठाना है। $27^{\circ} C$ पर धुरी का बाहरी व्यास $8.70\, cm$ तथा पहिए के केंद्रीय छिद्र का व्यास $8.69\, cm$ है। सूखी बर्फ द्वारा धुरी को ठंडा किया गया है। धुरी के किस ताप पर पहिया धुरी पर चढ़ेगा? यह मानिए कि आवश्यक ताप परिसर में स्टील का रैखिक प्रसार गुणांक नियत रहता है:$\alpha_{steel} =1.20 \times 10^{-3} \;K ^{-1}$
The given temperature, $T=27^{\circ} C$ can be written in Kelvin as
$27+273=300 K$
Outer diameter of the steel shaft at $T, d_{1}=8.70 cm$
Diameter of the central hole in the wheel at $T, d_{2}=8.69 cm$
Coefficient of linear expansion of steel, $\alpha$ steel $=1.20 \times 10^{-5} K ^{-1}$
After the shaft is cooled using "dry ice', its temperature becomes $T_{1}$.
The wheel will slip on the shaft, if the change in diameter, $\Delta d=8.69-8.70$
$=-0.01 cm$
Temperature $T_{1},$ can be calculated from the relation:
$\Delta d=d_{1} \alpha_{\text {steel }}\left(T_{1}-T\right)$
$=8.70 \times 1.20 \times 10^{-5}\left(T_{1}-300\right)$
$\left(T_{1}-300\right)=95.78$
$\therefore T_{1}=204.21 K$
$=204.21-273.16$
$=-68.95^{\circ} C$
Therefore, the wheel will slip on the shaft when the temperature of the shaft is $-69\,^{\circ} C$
$27^{\circ} \,C$ पर $1.8\, cm$ लंबे किसी ताँबे के तार को दो दृढ़ टेकों के बीच अल्प तनाव रखकर थोड़ा कसा गया है। यदि तार को $-39^{\circ}\, C$ ताप तक शीतित करें तो तार में कितना तनाव उत्पन्न हो जाएगा ? तार का व्यास $2.0\, mm$ है। पीतल का रेखीय प्रसार गुणांक $=2.0 \times 10^{-5}\; K ^{-1}$. पीतल का यंग प्रत्यास्थता गुणांक $=0.91 \times 10^{11} \;Pa$
एक झील की जल सतह का ताप $2°C$ है। झील की तली का ताप ........ $^oC$ होगा
ताँबे की चादर में एक छिद्र किया गया है। $27.0^{\circ}\, C$ पर छिद्र का व्यास $4.24\, cm$ है। इस धातु की चादर को $227^{\circ} C$ तक तप्त करने पर छिद्र के व्यास में क्या परिवर्तन होगा? ताँबे का रेखीय प्रसार गुणांक $=1.70 \times 10^{-5}\; K ^{-1}$
समान लंबाई परन्तु अलग-अलग त्रिज्याओं वाले दो बेलनाकार चालक (cylindrical conductors) श्रेणीक्रम में (in series) दो ऊष्माशयों (heat baths) के बीच में जोड़े गए हैं, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। इन ऊष्माशयओं का तापमान $T_1=300 \ K$ और $T_2=100 \ K$ हैं। बडेे चालक की त्रिज्या छोटे चालक की त्रिज्या की दोगुनी है। छोटे चालक की ऊष्मा चालकता (thermal conductivity) $K_1$ है और बड़े चालक की ऊष्मा चालकता $K_2$ है। यदि स्थायी अवस्था (steady state) में, बेलनों के संधि (junction) का तापमान $2000 \ K$ हो, तब $K_1 / K_2$ का मान .............. होगा।
किसी ताप $T$ पर एक ब्रॉज पिन एक स्टील गुटके में किए गये छेद में फिट होने में थोड़ी बड़ी है सही फिट होने के लिए आवश्यक ताप-परिवर्तन न्यूनतम होगा जब