पीतल तथा स्टील की छड़ों के रेखीय प्रसार गुणांक ${\alpha _1}$ तथा ${\alpha _2}$ हैं। यदि पीतल की छड़ की लम्बाई ${l_1}$ तथा स्टील की छड़ की लम्बाई ${l_2}$ तथा तापक्रम $0°C$ है। तब किसी ताप पर उनकी लम्बाईयों में अंतर ${l_2} - {l_1}$समान होगा यदि
${\alpha _1}{l_2} = {\alpha _2}{l_1}$
${\alpha _1}l_2^2 = {\alpha _2}l_1^2$
$\alpha _1^2{l_1} = \alpha _2^2{l_2}$
${\alpha _1}{l_1} = {\alpha _2}{l_2}$
समान लम्बाई $l$ की तीन छड़ों को मिलाकर एक समबाहु त्रिभुज $PQR$ बनाया गया है, $PQ$ का मध्य बिन्दु $O$ है एवं अल्प तापक्रम की वृद्धि के लिए $OR$ का मान नियत रहता है। $PR$ व $RQ$ के रेखीय प्रसार गुणांक समान ${\alpha _2}$ हैं एवं $PQ$ का रेखीय प्रसार गुणांक ${\alpha _1}$ तब
ठंडे प्रदेशों में जल-पाइप कभी-कभी फट जाते हैं। क्योंकि
दाब बढ़ाने पर द्रव का गलनांक घटता हैं यदि द्रव
एक आदर्श गैस का दाब $(\mathrm{P})$ एवं तापमान $(\mathrm{T})$ का संबंध समीकरण $\mathrm{PT}^2=$ स्थिरांक का अनुसरण करता है। गैस का आयतन प्रसार गुणांक होगा :
ग्लिसरीन का आयतन प्रसार गुणांक $49 \times 10^{-5} \;K ^{-1} .$ है। ताप में $30^{\circ} C$ की वृद्धि होने पर इसके घनत्व में क्या आंशिक परिवर्तन होगा ?