$660 \;nm$ तरंगदैर्घ्य की एक लेज़ लाइट को रेटिना वियोजन को जोड़ने के लिए प्रयोग किया जाता है। यदि $60 \;ms$ चौड़ाई एवं $0.5 \;kW$ शक्ति के लेज़ स्पन्द (pulse) का प्रयोग किया जाये तो उस स्पन्द में फोटॉनों की संख्या लगभग होगी :

[प्लांक नियतांक $h =6.62 \times 10^{-34} \;Js$ ]

  • [JEE MAIN 2017]
  • A

    $10^{20}$

  • B

    $10^{18}$

  • C

    $10^{22}$

  • D

    $10^{19}$

Similar Questions

किसी प्रकाश विद्युत सेल में ऊर्जा का रूपातंरण होता है

एक $2 \,mW$ लेजर की तरंगदैर्ध्य $500\, nm$ है। इससे निकलने वाले प्रति सेकण्ड फोटॉनों की संख्या होगी।

[दिया है, प्लांक नियतांक $h =6.6 \times 10^{-34} \,Js$, प्रकाश की चाल $c =3.0 \times 10^{8} \,m / s$ ]

  • [JEE MAIN 2019]

$100eV$ ऊर्जा के फोटॉन की आवृत्ति होगी $(h = 6.6 \times {10^{ - 34}}\,J{\rm{ - }}sec)$

यदि $6000 \mathring A$ तरंगदैध्र्य के संगत फोटॉन की ऊर्जा  $3.32 \times {10^{ - 19}}J$ है, तो $4000 \mathring A$ तरंगदैध्र्य के संगत फोटॉन की ऊर्जा .......... $eV$ होगी

प्रकाश विद्युतीय पदार्थ का कार्य फलन $3.3 eV$ है। इसकी देहली आवृत्ति का मान है