प्रकाश वैद्युत प्रभाव क प्रयाग म दहला आवृात्त की $1.5$ गुनी आवृत्ति का एक प्रकाश किसी प्रकाश सुग्राही पदार्थ के तल पर आपतित होता है। अब यदि आवृत्ति को आधा तथा तीव्रता को दो गुना कर दिया जाये तो उत्सर्जित प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी :
दो गुनी
एक चौथाई
शून्य
आधी
$160$ वॉट के एक अवरक्त (Infrared) स्त्रोत से $50000 \,\mathring A$ तरंगदैर्घ्य की किरणें एक समान रूप से चारो ओर प्रसारित हो रही है। $1.8$ मीटर दूरी पर फोटोन फ़्लक्स ........... $m ^{-2} s ^{-1}$ होगा?
एक $2 \,mW$ लेजर की तरंगदैर्ध्य $500\, nm$ है। इससे निकलने वाले प्रति सेकण्ड फोटॉनों की संख्या होगी।
[दिया है, प्लांक नियतांक $h =6.6 \times 10^{-34} \,Js$, प्रकाश की चाल $c =3.0 \times 10^{8} \,m / s$ ]
यदि एक अपरावर्तित तल, जिसका क्षेत्रफल $30 \;cm ^{2}$ है, पर $40$ मिनट तक $2.5 \times 10^{-6} \;N$ का औसत बल, प्रकाश तरंगों द्वारा आरोपित होता है, तो तल पर गिरने से पहले, प्रकाश का ऊर्जा फ्लक्स $\dots \;W / cm ^{2}$ होगा।
(निकटतम पूर्णांक में)
(यहाँ पूर्ण अवशोषण और अभिलम्बवत आपतन की स्थितियों को माना गया है।)
मानव नेत्र के द्वारा संसूचित $(detect)$ की जा सकने वाली प्रकाश की न्यूनतम तीव्रता ${10^{ - 10}}W/{m^2}$ है। दिखायी देने के लिये ${10^{ - 6}}{m^2}$ क्षेत्रफल वाली आंख की पुतली में प्रति सैकण्ड प्रवेश करने वाले फोटॉनों की संख्या लगभग होगी (जबकि फोटॉन की तरंगदैध्र्य$\lambda =5.6 \times {10^{ - 7}}m$ है)
जब किसी धात्विक सतह पर हरा प्रकाश आपतित होता है, तो प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं किन्तु पीले रंग के प्रकाश से उत्सर्जन नहीं होता। निम्न में से कौन से रंग के प्रकाश से उसी धात्विक सतह से इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन संभव होगा