धातु की एक गेंद एवं अत्यंत तनी स्प्रिंग एक ही पदार्थ के बने हैं तथा इनके द्रव्यमान समान हैं। इन्हें इतना गर्म किया जाता है कि ये पिघलने लगते हैं, तो आवश्यक गुप्त ऊष्मा का मान होगा
दोनों के लिए समान
गेंद के लिए अधिक
स्प्रिंग के लिए अधिक है
दोनों के लिए समान हो सकता या नही भी हो सकता है यह धातुओं पर निर्भर करेगा
दाब ताप अवस्था चित्र (Phase diagram) पर वह बिन्दु जिस पर सभी अवस्थाएं एक साथ उपस्थित होती हैं, कहलाता है
$CO _{2}$ के $P - T$ प्रावस्था आरेख पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
$(a)$ किस ताप व दाब पर $CO _{2}$ की ठोस, द्रव तथा वाष्प प्रावस्थाएँ साम्य में सहवर्ती हो सकती हैं ?
$(b)$ $CO _{2}$ के गलनांक तथा क्वथनांक पर दाब में कमी का क्या प्रभाव पड़ता है ?
$(c)$ $CO _{2}$ के लिए क्रांतिक ताप तथा दाब क्या हैं? इनका क्या महत्त्व है ?
$(d)$ $(a)$ $-70^{\circ} C$ ताप व $1\, atm$ दाब,
$(b)$ $-60^{\circ} C$ ताप व $10\, atm$ दाब,
$(c)$ $15^{\circ} C$ ताप व $56\, atm$ दाब पर $CO _{2}$ ठोस, द्रव अथवा गैस में से किस अवस्था में होती है ?
वाष्प की गुप्त ऊष्मा $ 536 \,cal/gm$ है तब इसका मान जूल/किग्रा में होगा
कोई भी द्रव तभी उबलता है जबकि उसका बाष्प दाब
सीसे की एक गोली लक्ष्य से टकराकर विराम अवस्था में आ जाती है। $25\%$ ऊष्मा का शोषण लक्ष्य द्वारा किया जाता है। यदि गोली का प्रारम्भिक ताप $27°C$ है, तो लक्ष्य से टकराते समय गोली का वेग ........ $m/sec$ होगा (सीसे का गलनांक $327°C,$ सीसे का वि. ऊष्मा $0.03\, cal/gm°C$ एवं गलन की गुप्त ऊष्मा $6\, cal/gm$ तथा $J =\, 4.2\, joule/cal)$