द्रव्यमान $m$ का एक गतिशील गुटका, $4\, m$ द्रव्यमान के किसी दूसरे स्थिर गुटके से संघट्ट करता है । संघट्ट के पश्चात् हल्का गुटका विराम अवस्था में आ जाता है । यदि हल्के गुटके का आरम्भिक वेग $v$ है, तो प्रत्यानयन गुणांक $(e)$ का मान होगा
$0.5$
$0.25$
$0.4$
$0.8$
नीचे दो कथन दिए गए हैं। एक अभिकथन $A$ है और दूसरा कारण $R$।
अभिकथन $A$ : चाल $'u'$ से गतिमान द्रव्यमान $M$ का कोई पिण्ड $P$ विरामावस्था में स्थित $m$ द्रव्यमान के किसी अन्य पिण्ड $'Q'$ से प्रत्यास्थ सम्मुख संघट्ट करता है। यदि $m \ll M$ है, तो पिण्ड $'Q'$ की संघट्ट के पश्चात अधिकतम चाल $'2 u^{\prime}$ होगी।
कारण $R$ : प्रत्यास्थ संघट्ट में संवेग और गतिज ऊर्जा दोनों संरक्षित रहते हैं।
उपरोक्त कथनों के संदर्भ में नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए :
किसी लोलक के गोलक $A$ को, जो ऊर्ध्वाधर से $30^{\circ}$ का कोण बनाता है, छोड़े जाने पर मेज पर, विरामावस्था में रखे दूसरे गोलक $B$ से टकराता है जैसा कि चित्र में प्रदर्शित है। ज्ञात कीजिए कि संघट्ट के पश्चात् गोलक $A$ कितना ऊंचा उठता है? गोलकों के आकारों की उपेक्षा कीजिए और मान लीजिए कि संघट्ट प्रत्यास्थ है।
$m$ द्रव्यमान का एक पिण्ड वेग $v$ से $2m$द्रव्यमान के स्थिर पिण्ड से प्रत्यक्ष संघट्ट करता है। संघट्ट के पश्चात् पिण्डों की गतिज ऊर्जाओं का अनुपात होगा
$M$ द्रव्यमान की एक बड़ी गेंद जो कि $u$ वेग से गतिमान है, विराम में स्थित $m$ द्रव्यमान की एक अन्य छोटी गेंद से टकराती है। अन्त में छोटी गेंद का वेग $u$ तथा बड़ी गेंद का वेग $v$ हो जाता है। तो $v $ का मान है
$20 \mathrm{~m}$ की ऊँचाई से एक गेंद छोडी जाती है। यदि गेंद एवं फर्श के बीच के संघट्ट का प्रत्यावस्थान गुणांक $0.5$ है तो फर्श से टकराने के बाद गेंद _____________ $\mathrm{m}$ ऊँचाई तक उछलेगी।