मूल अवस्था में स्थित एक स्थिर हाइड्रोजन परमाणु से एक फोटॉन अप्रत्यास्थ संघट्ट करता है। टकराने वाले फोटॉन की ऊर्जा $10.2\ eV$ है। माइक्रोसैकेण्ड कोटि के समय अन्तराल के पश्चात् इसी हाइड्रोजन परमाणु से दूसरा फोटॉन $15\ eV$ ऊर्जा से अप्रत्यास्थ संघट्ट करता है। संसूचक द्वारा क्या प्रेक्षित किया जायेगा
$10.2\ eV$ ऊर्जा के दो फोटॉन
$1.4\ eV$ ऊर्जा के दो फोटॉन
$10.2\ eV$ ऊर्जा का एक फोटॉन तथा $1.4\ eV$ ऊर्जा का एक इलेक्ट्रॉन
$10.2\ eV$ ऊर्जा का एक फोटॉन तथा $1.4\ eV$ ऊर्जा का दूसरा फोटॉन
$100eV$ ऊर्जा के फोटॉन की आवृत्ति होगी $(h = 6.6 \times {10^{ - 34}}\,J{\rm{ - }}sec)$
एक विशिष्ट प्रयोग में प्रकाश-विध्यूत प्रभाव की अंतक वोल्टता $1.5 \,V$ है। उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रोंनों की उच्चतम गतिज ऊर्जा कितनी है?
एक लेसर द्वारा $6.0 \times 10^{14}\, Hz$ आवृत्ति का एकवर्णी प्रकाश पैदा किया जाता है। उत्सर्जित शक्ति $2 \times 10^{-3} \,W$ है। स्त्रोत से प्रति सेकेण्ड उत्सर्जित फोटानों की औसत संख्या होगी-
विकिरण की द्वैत प्रकृति दर्शायी जाती है
$450 nm$ तरंगदैध्र्य वाले फोटॉन की ऊर्जा होगी