एक फोटॉन $1 \,km$ की ऊँचाई से पृथ्वी के गुरूत्वीय क्षेत्र में गिरता है। इसकी आवृत्ति में परिवर्तन की गणना करने लिए इसके द्रव्यमान को $h v / c^2$ लीजिये। आवृत्ति $v$ में भिन्नात्मक (fractional) परिवर्तन का सन्निकट मान क्या होगा ?
$10^{-20}$
$10^{-17}$
$10^{-13}$
$10^{-10}$
$300 \ nm$ तरंगदैध्र्य का पराबैंगनी प्रकाश जिसकी तीव्रता $1.0\ watt/m^2$ है, एक प्रकाश संवेदी पदार्थ पर आपतित होता है। यदि आपतित फोटॉनों का $1$ प्रतिशत प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करता है तो $1.0 \ cm^2$ क्षेत्रफल से उत्सर्जित प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की संख्या लगभग होगी
${10^{12}}MHz$ आवृत्ति के फोटॉन की ऊर्जा होगी
$(a)$ एक निर्वात नली के तापित कैथोड से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की उस चाल का आकलन कीजिए जिससे वे उत्सर्जक की तुलना में $500\, V$ के विभवांतर पर रखे गए एनोड से टकराते हैं। इलेक्ट्रॉनों के लघु प्रारंभिक चालों की उपेक्षा कर दें। इलेक्ट्रॉन का आपेक्षिक आवेश अर्थात $e / m 1.76 \times 10^{11} \,C kg ^{-1}$ है।
$(b)$ संग्राहक विभव $10\, MV$ के लिए इलेक्ट्रॉन की चाल ज्ञात करने के लिए उसी सूत्र का प्रयोग करें, जो $(a)$ में काम में लाया गया है। क्या आप इस सूत्र को गलत पाते हैं? इस सूत्र को किस प्रकार सुधारा जा सकता है?
एक प्रकाश उत्सर्जक सेल में कार्यकारी तरंगदैर्ध्य $\lambda $ है एवं सबसे तेज इलेक्ट्रॉन का वेग $v$ है। यदि उत्तेजित तरंगदैर्ध्य बदलकर $\frac{{3\lambda }}{4}$ हो जाये तो सबसे तेज इलेक्ट्रॉन का वेग होगा
एक लेसर द्वारा $6.0 \times 10^{14}\, Hz$ आवृत्ति का एकवर्णी प्रकाश पैदा किया जाता है। उत्सर्जित शक्ति $2 \times 10^{-3} \,W$ है। स्त्रोत से प्रति सेकेण्ड उत्सर्जित फोटानों की औसत संख्या होगी-