विकिरण की द्वैत प्रकृति दर्शायी जाती है
विवर्तन और परावर्तन द्वारा
विवर्तन और परावर्तन द्वारा
विवर्तन और परावर्तन द्वारा
प्रकाश विद्युत प्रभाव व विवर्तन द्वारा
आइन्सटीन की प्रकाश-विद्युत समीकरण के अनुसार उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा एवं आपतित विकिरण की आवृत्ति के बीच का ग्राफ होगा
प्रकाश वैद्युत सेल एक युक्ति है
$50 cm$ दूर रखे किसी बिन्दु स्त्रोत के द्वारा एक सीजियम सेल को प्रदीप्त किया जाता है। इस सेल के सिरों पर $60 V$ का विभवान्तर है। जब वही प्रकाश स्रोत $1m$ दूर रखा जाये तो सेल से उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉन
किसी अर्द्धगोलाकार सतह के वक्रता केन्द्र पर प्रकाश का एक बिंदु स्त्रोत रखा हुआ है। यह स्त्रोत $24 \mathrm{~W}$ की शक्ति उत्सर्जित करता है। अर्द्धगोलीय वक्र की वक्रता त्रिज्या $10 \mathrm{~cm}$ है एवं उसकी आंतरिक सतह पूर्णतः परावर्ती है। अर्द्धगोले पर, गिरने वाले प्रकाश के कारण आरोपित बल का मान $\times 10^{-8} \mathrm{~N}$ है।